राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

कपिल शर्मा कैफे पर फायरिंग का आरोपी ‘रॉकेट’ फ्रांस से गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका

मुंबई 

अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में (DoJ) में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र फाइल किया गया है। इसके बाद अलग-अलग गैंगों के 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। अब बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य गरिंदर देव को फ्रांस से अरेस्ट किया गया है। वह कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग में शामिल था। जानकारी के मुताबिक कनाडा ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे पहले एक अन्य आरोपी जशनदीप सिंह को कनाडा से डिपोर्ट करने का आदेश दिया जा चुका है।

अमेरिका की लिस्ट में भी था गरिंदर देव का नाम
कनाडा के रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के मुताबिक 40 साल के गरिंदर देव को फ्रांस से गिरफ्तार किया गया और अब उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत कनाडा लाया जाएगा। गरिंदर देव का नाम अमेरिका के डिपार्टमें ऑफ जस्टिस के आरोपपत्र में भी शामिल था। उसके कई उपनाम भी बताए जाते हैं। उसे रिट्ज कार्लटन, रॉकेट या डॉक्टर जैसे नामों से बुलाया जाता था। वह बिश्नोई गैंग की फंडिंग के लिए ड्रग्स की तस्करी करता था।

DoJ के मुताबिक गरिंदर देव कोकीन और हेरोइन की तस्करी करता था। उसने जून 2025 में ही 100 किलोग्राम कोकीन और एक किलो हेरोइन की खेप कैलिफोर्निया और पूर्वी अमेरिका तक पहुंचाने का प्लान बनाया ता। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने इस खेप को पहले ही पकड़ लिया। कपिल शर्मा कैफे पर फायरिंग मामले का दूसरा आरोपी जशनदीप सिंह को कनाडा से डिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। जशनदीप सिंह पर कैफे के बाहर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने में मदद की थी।

जशनदीप 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गाय था। बता दें कि अमेरिका की जांच में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग डीसेंट्रलाइज मॉडल से गैंग चलाता है। इसके सदस्य एक ही देश में नहीं रहते बल्कि अलग-अलग देशों से शूटर्स को हैंडल करते हैं। इन शूटरों की भर्तियां हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के गांवों से की जाती है। पहले उन्हें छोटे-मोटे कार्य सौंपे जाते हैं और इसके बाद जब पुलिस की नजर में आ जाते हैं तो फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाकर या फिर डोंकी रूट से अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों को भेज दिया जाता है।

बता दें कि अमेरिका के न्याय विभाग ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अलावा दो अन्य भारतीय गैंगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके बाद इन गैंग्स के खिलाफ ऐक्शन तेज हो गया है। अमेरिका के आरोप पत्र में 36 नाम थे जिनमें से 25 की गिरफ्तारी हो चुकी है और 11 अन्य की तलाश जारी है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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