राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

झारखंड में चार महीने बाद गर्भवती महिलाओं और बच्चों को फिर मिलेगा पोषाहार राशन

रांची
झारखंड की गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को चार माह बाद फिर से टेक होम राशन के तहत पोषाहार मिलना शुरू होगा. आंगनबाड़ी केंद्रों में अगले माह से राशन वितरण शुरू हो जायेगा. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गयी है. अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा. एजेंसी का चयन नहीं होने के कारण अप्रैल से राज्य में टेक होम राशन का वितरण बंद था. इससे योजना से जुड़े लगभग 14 लाख से अधिक लाभुक, जिनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं, पोषाहार से वंचित थे.

वित्तीय मंजूरी के बाद पोषाहार वितरण फिर होगा शुरू
विभाग ने अब पोषाहार वितरण दोबारा शुरू करने के लिए वित्त विभाग से आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्राप्त कर ली है. टेक होम राशन के तहत लाभुकों को घर ले जाने के लिए पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी जाती है, जिससे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ छोटे बच्चों को आवश्यक पोषण मिल सके.

वित्त विभाग ने शर्त के साथ दी स्वीकृति
वित्त विभाग ने टेक इन होम राशन की आपूर्ति करने वाली एजेंसी को सशर्त अवधि विस्तार दिया है. वित्त विभाग ने महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को छह माह के अंदर नये सिरे से एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है. इसके लिए विभाग द्वारा टेंडर जारी किया जायेगा.

पोषाहार में क्या मिलता है ?
लाभुकों को पोषण संबंधी मानकों के अनुरूप सूखा राशन या रेडी-टू-कुक मिश्रण दिया जाता है. लाभुकों को दाल, सोयाबीन, मुंगफली से तैयार सूखा खाद्य सामग्री का पैकेट दिया जाता है

क्या है टेक होम राशन?
    आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से घर ले जाने के लिए दिया जाने वाला पोषाहार.
    गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को मिलता है पोषाहार.
    इसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु कुपोषण को कम करना और पोषण स्तर में सुधार लाना है.
    पोषाहार का वितरण समेकित बाल विकास सेवा के तहत किया जाता है.

इन्हें मिला अवधि विस्तार
राशन आपूर्ति के लिए तीन एजेंसी को जिम्मेदारी दी गयी है. तीनों को आठ-आठ जिलों में आपूर्ति का जिम्मा मिला है.
    आदित्य फ्लोर लिमिटेड
    कोटा दाल मील
    इंटर लिक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड

क्यों बंद था वितरण?
पोषाहर वितरण के लिए चयनित एजेंसी के 31 मार्च तक ही इसकी जिम्मेदारी मिली थी. नयी एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई न ही पहले से कार्य कर रही एजेंसी को अवधि विस्तार दिया गया.

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button