छात्र आंदोलन हुआ उग्र, दरभंगा-बेगूसराय-कटिहार में पुलिस से झड़प

पटना
नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर शुरू हुआ आन्दोलन बिहार के विभिन्न जिलों में तेजी से फैलता जा रहा है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी पटना में छात्रों ने प्रदर्शन किया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। इसी दौरान बेगूसराय डीएम ऑफिस पर प्रदर्शनकारियों ने ऐसा बवाल किया कि अफरातफरी मच गई। दरभंगा में विरोध मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव की घटना हुई। डीएम और एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे और इलाके को पुलिस छावनी बना दिया गया। इससे पहले कटिहार में आन्दोलनकारी छात्रों को समझाने आए अंचलाधिकारी की आंख पर पत्थर मारकर जख्मी कर दिया गया।
नीट पेपर लीक के विरोध में पटना व दिल्ली में मार्च निकाल रहे युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को दरभंगा जिला मुख्यालय में युवाओं ने विरोध मार्च निकाला। इस दौरान लोहिया चौक पर युवा उग्र हो गए। पुलिस की ओर से जब उन्हें रोकने की कोशिश की गयी तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दिया। अचानक हुए बवाल से कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
सूचना मिलने पर डीआईजी मनोज तिवारी, डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी मौके पर पहुंचे व स्थिति का जायजा लिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गयी है। वरीय अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। बताया जा रहा है कि युवाओं ने दरभंगा के कर्पूरी चौक से विरोध मार्च शुरू किया। जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ता गया, युवाओं की संख्या बढ़ती गई। समाहरणालय पहुंचते-पहुंचते-पहुंचते हजारों की संख्या में लोग मार्च में शामिल हो गए। मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि देश मे प्रतियोगी परीक्षाओं के पर्चे लगातार लीक हो रहे हैं। इससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। इससे छात्र आक्रोशित हैं। लोगों ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
इधर बेगूसराय में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा समेत नीट परीक्षा में धांधली रोकने की मांग को लेकर गुरुवार को छात्रों द्वारा निकाला गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी समाहरणालय की ओर बढ़ने लगे। वहां पहुंचकर भीड़ के बीच से पानी की बोतलें और पत्थर फेंके जाने लगे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया। जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और सबको वहां से खदेड़ दिया। भीड़ ने पत्रकारों को भी निशाना बनाया।
कलेक्टोरेट के गेट पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल, स्पेशल फोर्स और दंगा नियंत्रण टीम की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने भी लाठी चलाना शुरू कर दिया। एसपी मनीष ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को समाहरणालय की ओर बढ़ने से पहले ही रोक दिया गया था। पुलिस ने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ में की ओर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई । इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान वीडियो से की जा रही है। आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इससे पहले कटिहार में समारहणालय पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थर चलाए। गेट तोड़ने की कोशिश करने लगे तो समझाने पहुंचे कटिहार सीओ सोनू कुमार से उलझ गए। एक पत्थर उनकी आंख पर लग गया जिससे उनकी आंख में काफी चोट आई है। सीओ का इलाज कराया जा रहा है। कटिहार डीएम आशुतोष द्विवेदी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन के पास उपद्रवियों से निपटने की पूरी व्यवस्था है। लोग कानून हाथ में नहीं लें।




