राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई की मांग तेज आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी

बिरसिंहपुर पाली/ उमरिया

कन्या शिक्षा परिसर में छात्रवृत्ति वितरण में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। नगर के युवा अधिवक्ता बसंत तिवारी एवं अरुण विश्वकर्मा अंबेडकर चौक में आमरण अनशन पर बैठे हैं और उनका कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

अनशनकारियों का आरोप है कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में पूर्व प्राचार्य सरिता जैन की भूमिका सामने आने के बावजूद अब तक उनके विरुद्ध न तो निलंबन की कार्रवाई की गई है और न ही प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। उनका कहना है कि केवल पद से पृथक किया जाना पर्याप्त नहीं है तथा मामले में जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अनशन के तीसरे दिन तहसीलदार नीलेश सिंह आंदोलन स्थल पहुंचे और अनशनकारियों से चर्चा कर आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि सत्याग्रहियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषियों के विरुद्ध ठोस प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अनशन स्थल पहुंचकर दोनों अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की निगरानी की, लेकिन आंदोलन जारी रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

अनशनकारियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सिद्ध हो चुकी हैं और छात्रवृत्ति की राशि वापस कराने के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं, तो फिर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर एवं निलंबन जैसी कार्रवाई में विलंब क्यों किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कार्रवाई में देरी से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इधर छात्र संगठनों तथा अभिभावकों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों के हितों से खिलवाड़ न हो सके।

अनशन स्थल पर लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। वहीं स्थानीय नागरिकों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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