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जंतर-मंतर पर बढ़ी हलचल! बैरिकेड्स हुए मजबूत, RAF तैनात; आखिर क्या है वजह?

नई दिल्ली

दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स वेल्ड किए गए हैं. रेपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात कर गई है. कुल मिलाकर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर एक सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए हैं. यह सब सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी की नई चेतावनी के मद्देनजर है. सीजेपी ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज सभी FIR तुरंत वापस नहीं ली गईं, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू कर देंगे। 

दरअसल, अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं. बैरिकेड्स को और मजबूत कर दिया है.  जंतर-मंतर पर जहां सीजेपी ने प्रोटेस्ट किया था, वहां दोनों तरफ के बैरिकेड्स को लोहे से वेल्ड करके जोड़ दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि आरएएफ यानी रैपिड एक्शन फ़ोर्स (RAF) की एक कंपनी और स्थानीय पुलिसकर्मी भी चौबीसों घंटे वहां तैनात हैं। 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्या हलचल
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर पर संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम किए गए हैं. यही कारण है कि बैरिकेड्स को मजबूत कर दिया गया है. गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर सीजेपी ने ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 36 दिनों तक आंदोलन किया था। 

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बार फिर प्रदर्शन की चेतावनी दी है. सीजेपी ने मंगलवार को केंद्र पर आरोप लगाया कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रहा है। 

आशुतोष रांका ने क्या आरोप लगाया
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्र के साथ 25 जुलाई को हुए समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन होने का आरोप लगाया. आशुतोष रांका ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने सभी एफआईआर वापस लेने, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने, दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और BJP शासित राज्यों की पुलिस द्वारा नए आपराधिक मामले दर्ज करने पर रोक लगाने और हस्ताक्षरित समझौते को तुरंत जारी करने की मांग की। 

सीजेपी ने वेबसाइट क्यों लॉन्च की?
सीजेपी ने देशव्यापी कानूनी सहायता सेल बनाने की भी घोषणा की और ‘साक्षी’ (SAAKSHI) नाम से सबूत इकट्ठा करने वाला एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया. राज्यसभा सांसद कपिल सिबल ने आपराधिक मुकदमों का सामना कर रहे प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता देने के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने की घोषणा की. धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 25 जुलाई को यह आंदोलन वापस ले लिया गया था। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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