राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान

योगी सरकार ने गन्ना किसानों को किया 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान 

सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश 

वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का किया जा चुका भुगतान 

गन्ना, शीरा और एथेनॉल के उत्पादन में देश में शीर्ष पर बना है उत्तर प्रदेश 

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बना हुआ है। योगी सरकार ने अब तक गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल में नए आयाम स्थापित किए हैं। योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल उत्पादन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। सरकार ने न केवल गन्ना किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता माना, बल्कि ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित भी किया। 

वर्तमान पेराई सत्र में भी 94 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 99 चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में ₹40,720 प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

गन्ना विकास विभाग ने बताया कि विगत नौ वर्ष में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई करते हुए 968.58 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 के बीच गन्ने का उत्पादन 1486.57 लाख टन से बढ़कर 2362 लाख टन हो गया है, जबकि चीनी का उत्पादन भी 87.73 लाख टन से बढ़कर 89.52 लाख टन पहुंच गया है। औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 82.56 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर हो गई है, जिससे किसानों को प्रति हेक्टेयर 10.18 मीट्रिक टन अतिरिक्त गन्ने की उपज प्राप्त हो रही है। इसी अवधि में औसत चीनी परता भी 10.61 प्रतिशत से बढ़कर 10.83 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।

गन्ना पेराई क्षमता को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए 04 नई चीनी मिलों की स्थापना की गई। 07 बंद चीनी मिलों को पुनः चालू किया गया और 44 चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार किया गया। इससे प्रदेश में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का सृजन हुआ। इसके अतिरिक्त खांडसारी उद्योग में ऑनलाइन लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू करने और सुलभ नीतियों के कारण 285 नई खांडसारी इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे 41,900 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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