राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

रक्षा आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर भारत-सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह के सतत प्रयासों से भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। रक्षामंत्री  सिंह का संकल्प वज्र के समान अडिग है। उनके नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर दुनिया को नए भारत की शक्ति और पराक्रम का परिचय दिया है। रक्षामंत्री  सिंह केवल लक्ष्य तय नहीं करते, बल्कि उन्हें हासिल करने का विश्वास भी देते हैं। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश को मिली बड़ी सौगात के बाद अब जबलपुर में आरंभ हो रही "टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना" देश की रक्षा क्षमता को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना सिर्फ रक्षा आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, सशक्त सेना और नए भारत के पराक्रम का प्रतीक भी है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले आज जबलपुर की धरती से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। आज जबलपुर को लगभग 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। टी-सीरीज टैंक के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने अपने काम के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों के चलते सेना को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह की उपस्थिति में जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में टी सीरिज टैंक ओव्हरहॉल परियोजना के भूमि पूजन अवसर पर यह विचार व्यक्त किए। रक्षामंत्री  राजनाथ सिंह ने कहा कि डायनामिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग के परिणाम स्वरूप भी मध्यप्रदेश में रक्षा मंत्रालय की कई परियोजनाएं समय-सीमा में आकार ले रही हैं।

रक्षा क्षेत्र में निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री के माध्यम से मध्यप्रदेश को लगातार रक्षा क्षेत्र में नई सौगातें मिल रही हैं। भोपाल में बीईएमएल के माध्यम से महत्वपूर्ण परियोजना मिली है। प्रदेश में वंदे भारत सहित विभिन्न प्रकार के कोचों के निर्माण की दिशा में भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में निवेश से मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

निवेश से बढ़ रहे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को गति देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मालनपुर में लगभग 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली गोदरेज फैक्ट्री का लोकार्पण किया गया है। अब रक्षा क्षेत्र में पौने पांच सौ करोड़ रुपये की परियोजना की सौगात मिली है। इससे प्रदेश में निवेश की नई संभावनाएं बढ़ रही हैं।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षा, चिकित्सा, अधोसंरचना और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश से 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होना इस प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य के विकसित भारत के निर्माण में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।

युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार औद्योगीकरण पर दे रही है विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर, भिंड में गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। मध्यप्रदेश शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश का विदेशी निर्यात बहुत बढ़ा है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है।

यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को मिलेंगे समान अवसर और अधिकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उन बड़े राज्यों में से एक है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विधानसभा में विधेयक पास किया है। यूसीसी से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्म के लोगों को समान अवसर और अधिकार मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के कारण जबलपुर की विरासत अत्यंत गौरवशाली रही है। रानी दुर्गावती ने अपनी वीरता और यु्द्ध कौशल के बल पर अनेकों लड़ाइयां जीती थीं। लेकिन नई तकनीक के कारण जीत का यह सिलसिला थम गया और रानी दुर्गावती ने अपने राज्य के लिए संघर्ष करते हुए बलिदान दिया था।

मध्यप्रदेश में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की रखी जा रही हैं मजबूत नींव

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को मध्यप्रदेश से पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईएस के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य में औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में स्पेस, एयरो एंड डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी जा रही हैं। रक्षा मंत्री  सिंह ने इन सभी उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई और शुभकामनाएं दी।

जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का बनेगा हब

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि जबलपुर में 'टी-सीरीज टैंक ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नेस्तनाबूत कर देते हैं। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना जरूरी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और सायबर तकनीक शामिल हैं, लेकिन लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। टैंक ग्राउंड ऑपरेशन में जवानों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। टैंक की भूमिका तकनीक के विकास के साथ बदल रही है। हमारे जवानों के पास ड्रोन भी हो और आधुनिक तकनीक वाले टैंक भी हों और दोनों के बीच बेहतर समन्वय हो, हम इसी रणनीति पर कार्य कर रहे हैं। जबलपुर की यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। जबलपुर नई टेक्नोलॉजी के साथ डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में हब बनेगा।

भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाए रखने में टी-सीरीज टैंकों की भूमिका रही महत्वपूर्ण

आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिडेट (एवीएनएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  सत्यव्रत मुखर्जी ने कहा कि भारतीय सेना को शक्तिशाली बनाए रखने में टी-सीरीज टैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जबलपुर में इस परियोजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 80 टैंकों को ओव्हरहॉल किया जा सकेगा। एवीएनएल जबलपुर सेना के लिए कई प्रकार के वाहन तैयार कर रही है।

चार-पांच साल में सेना को दिए 4,400 टैंक

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि टी-72 और टी-90 टैंक भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सीमाओं पर आयरन वॉल की तरह खड़े हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री ने भारतीय सेना को करीब 4,400 टैंकों की आपूर्ति की है। उन्होंने एवीएनएल और इसके कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में संचालन के कारण टैंकों को समय-समय पर रिपेयर और ओवरहॉलिंग की जरूरत होती है। वर्तमान में सेना को हर साल करीब 230 टैंकों की ओवरहॉलिंग की आवश्यकता है, जबकि अवाडी में 150 टैंकों की क्षमता है। 80 टैंकों का यह गैप राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, जिसे जबलपुर में नई क्षमता विकसित कर दूर किया जा रहा है।

एवीएनएल के पास 25 साल से अधिक का अनुभव

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) देश के रक्षा औद्योगिक ढांचे का महत्वपूर्ण स्तंभ है। एवीएनएल के पास टी-72 और टी-90 टैंकों की ओवरहॉलिंग का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान गुणवत्ता, उत्पादकता, नवाचार और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस के नए मानक स्थापित करेगा।

विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करना लक्ष्य

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक, सूचना, सायबर डोमेन और सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए भारत अपने सैनिकों को महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भर नहीं रखना चाहता। उन्होंने कहा कि देश में ही हथियारों का निर्माण, उनकी रिपेयर और मेंटेनेंस, आधुनिक तकनीक से अपग्रेडेशन तथा नई क्षमताओं का विकास किया जाएगा। जबलपुर की यह परियोजना इसी आत्मनिर्भरता की मजबूत कड़ी है।

मध्यप्रदेश को डिफेंस-एयरोस्पेस हब बनाने की दिशा में काम

केंद्रीय रक्षा मंत्री  सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025, इन्वेस्ट एमपी 3.0 और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण प्रदेश निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 373 हैक्टेयर भूमि पर रक्षा विनिर्माण की संभावनाएं और 16,960 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावित निवेश प्रदेश की महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख डिफेंस एवं एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की मजबूत नींव रखी जा रही है। उन्होंने प्रोजेक्ट को तत्परता से पूरा करने की दृढ़ इच्छा शक्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ यादव और मध्य प्रदेश सरकार की सराहना की।

कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह, सांसद  आशीष दुबे, विधायक  अभिलाष मिश्रा, विधायक  अशोक रोहाणी, महापौर  जगत बहादुर अन्नू, रक्षा उत्पादन सचिव  संजीव कुमार तथा भारतीय सेना के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीयजन उपस्थित थे। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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