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नेपाल बाढ़ में मौत का आंकड़ा 587 पहुंचा, डेढ़ हजार से ज्यादा लोग लापता; 93 हजार पर खतरा

काठमांडू

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल की आपदा अथॉरिटी ने शुक्रवार को बताया कि भयानक बाढ़ की वजह से कम से कम 547 लोग मारे गए हैं और 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं। चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि बुधवार को आई इस आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की कुल संख्या  587  हो गई।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में जिस स्थान पर भीषण बाढ़ आई थी वहां जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मध्य नेपाल के रसुवा और अन्य इलाकों में बुधवार को आई जबरदस्त बाढ़ के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है तथा बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।

अचानक आई बाढ़ में शुक्रवार को मृतक संख्या बढ़कर  587  हो गई। आपदा के बाद तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी है जबकि हिमालयी देश में करीब 1500 लोग अब भी लापता हैं। एनडीआरआरएमए ने अपने ताजा नोटिस में कहा, ''बुधवार को जिस स्थान पर अचानक बाढ़ आई थी, उसी जगह पर अब कीचड़-युक्त पानी का स्तर बढ़ जाने से उस क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। एनडीआरआरएमए ने खोज एवं बचाव अभियान में शामिल लोगों के साथ-साथ अलग-अलग वजहों से भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।

नेपाल पुलिस ने तिब्बत की तरफ एक बांध के फिर से टूटने की सूचना मिलने के बाद अलर्ट जारी किया है। नेपाल पुलिस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''ऐसी सूचना मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का बांध फिर से टूट गया है।'' एक बयान में नेपाल पुलिस ने कहा कि आठ जिलों से और शव बरामद किए गए हैं। पड़ोसी तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई। पुलिस के अनुसार, चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग जिले से 33 शव बरामद किए गए हैं।

इसी तरह, तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं। नेपाल के रसुवा और आस-पास के जिलों में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आने के बाद से कम से कम 977 लोग लापता हैं। इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं। अब तक प्रभावित इलाकों से 1,545 घायल व्यक्तियों और फंसे हुए लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हो रहा है, जहां परिजन बड़ी बेसब्री से अपनों की तलाश कर रहे हैं।

नेपाल सेना चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन, भारत की ओर से सहयोग जारी: एस जयशंकर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान नेपाल के अधिकारी और सुरक्षा बल चला रहे हैं. भारत पहुंचे 21 लोगों के एक समूह को भी नेपाल की सेना ने ही रेस्क्यू किया था. भारत सरकार नेपाल को हर संभव मदद दे रही है. भारत की ओर से जो भी सहयोग नेपाल सरकार को दिया जा सकता है, वह लगातार किया जा रहा है। 

झील के ओवरफ्लो होने से नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहा राहत और बचाव अभियान फिलहाल रोक दिया गया है. शुक्रवार को सेना के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बांध जैसी स्थिति में जमा झील का पानी ओवरफ्लो होने लगा है. इसके बाद अगले 90 मिनट के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन रोकने का फैसला लिया गया. बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में हेलिकॉप्टर से चलाया जा रहा बचाव अभियान भी रोक दिया गया है. इस बीच इलाके के स्थानीय लोगों को पहाड़ी की ओर जाते देखा गया. अधिकारियों को झील से बढ़ते पानी के कारण खतरे की आशंका है. हालात को देखते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। 

नेपाल को 60 टन राहत सामग्री भेजेगा भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल के लिए भारत की तीसरी राहत उड़ान रवाना हो रही है. इस उड़ान के साथ भारत नेपाल को अब तक करीब 60 टन राहत सामग्री भेज चुका होगा. इसमें आपदा से प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सामान शामिल है. भारत की टीमें राहत और बचाव कार्य में नेपाल की मदद कर रही हैं. सरकार का फोकस फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने और उन्हें जल्द भारत वापस लाने पर है। 

चीन की तरफ मौजूद करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित: MEA
विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन की तरफ मौजूद करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद भारत सरकार लगातार राहत और बचाव अभियान में मदद कर रही है. मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में सुरंग से लोगों को निकालने के लिए एक रेस्क्यू टीम भेजी जाएगी. इसके अलावा मेडिकल टीम भी नेपाल भेजी जाएगी. नेपाल से बचाए गए भारतीय नागरिकों को वापस लाने की व्यवस्था भारत सरकार और भारतीय दूतावास मिलकर कर रहे हैं। 

अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे
बयान के अनुसार, इस त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा। अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं। 'द काठमांडू पोस्ट' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने और बचे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जमीन पर काम करने वाली टीम नदी के किनारे और नदी के बहाव की दिशा में बसे इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।

29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला
इस बीच, नेपाल सरकार ने विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद बने हालात को देखते हुए 29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सश्मित पोखरेल ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थगित परीक्षाओं को सही समय पर दोबारा आयोजित करने की योजना बनाएं। मंत्रालय ने स्कूलों और कॉलेजों से यह भी कहा है कि वे छात्रों और शिक्षकों के लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की व्यवस्था करें, छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और जरूरी मदद एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करें।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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