छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

शिक्षक दिवस पर नैतिक मूल्यों एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाने का दिया गया संदेश

भिलाई- श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई में शिक्षक दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, संस्कार और भारतीय ज्ञान परंपरा को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई. पी. मिश्रा ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों, संस्कार, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में उत्कृष्ट शिक्षा के साथ राष्ट्र एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करें।

श्री गंगाजली एजुकेशन सोसायटी की अध्यक्ष डॉ. जया मिश्रा ने शिक्षक दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान प्राप्त रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा हमारी ज्ञान-संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने आचरण, विचार और व्यवहार के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करने का संदेश दिया।

कुलपति डॉ. स्मिता सेलट ने कहा कि शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़कर ही विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, चिंतन और सीखने की निरंतर प्रवृत्ति विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए नियमित अध्ययन, स्वाध्याय और निरंतर ज्ञानार्जन को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संस्कारित और संवेदनशील नागरिक का निर्माण करना भी है।

इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वैभव तिवारी ने भी संबोधित करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। समारोह में विश्वविद्यालय के डायरेक्टर विकास डॉ सुशील चंद्र तिवारी, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ विनय पीतांबराम उपाध्याय थे

कार्यक्रम के अंत में डॉ. गोविंद शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा शर्मा ने किया। विद्यार्थियों द्वारा इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।

Dinesh Purwar

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button