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बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

4.02 लाख लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट प्रभावितों को वितरित की गईं

1072 मेडिकल टीमें रख रहीं स्वास्थ्य का ध्यान, 24 जिलों में राहत-बचाव अभियान जारी
 
बाढ़ संकट में सरकार की तत्परता बनी सुरक्षा कवच, अब तक नहीं होने दी कोई जनहानि

अयोध्या में जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया से सूचना मिलते ही परिवार को पहुंचाई मदद

रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रभावित परिवारों को वितरित की राहत सामग्री

लखनऊ,
 उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार तेज गति से जारी है। सरकार की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि शुक्रवार को ही 4,799 लोगों का रेस्क्यू किया गया। राहत अभियान के तहत अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79,666 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। 1,821 नाव एवं मोटरबोट रेस्क्यू कार्य में लगाई गई हैं। बाढ़ से अब तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है।

6 हजार से ज्यादा लोग शरणालय में रह रहे
वर्तमान में 24 जिलों में बाढ़ का असर है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और राहत कार्य किया जा रहा है। अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं।

4 लाख से ज्यादा लंच पैकेट किए वितरित
बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। बाढ़ की शुरूआत से अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। शुक्रवार को भी 38 हजार से ज्यादा लंच पैकेट और 6 हजार से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटी गईं। इससे प्रभावित लोगों को संकट की स्थिति में तत्काल भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार का विशेष फोकस
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.75 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।

1,821 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू
जलभराव और बाढ़ के कारण जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नाव और मोटरबोट के जरिए राहत एवं बचाव दल पहुंच रहे हैं। अब तक 1,821 नाव एवं मोटरबोट का प्रयोग किया जा चुका है। इससे प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। अब तक बाढ़ से कोई व्यक्ति या पशुहानि दर्ज नहीं हुई है, जो रेस्क्यू ऑपरेशंस और निगरानी व्यवस्था की अहम उपलब्धि है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 485 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है।

प्रभावित 24 जिले
अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

सोशल मीडिया से सूचना पर पहुंची मदद, आवास का दिया भरोसा
अयोध्या में सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार की परेशानी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। बीकापुर के खजुराहट गांव के बरगदीया मजरे में प्रभावित अर्पिता पाण्डेय के परिवार को खाद्य सामग्री, सब्जियां, तिरपाल, बर्तन, गैस सिलेंडर सहित जरूरी गृह उपयोगी सामान उपलब्ध कराया गया। विधायक डॉ. अमित चौहान भी राहत सामग्री लेकर पहुंचे। प्रशासन ने परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्राथमिकता से शुरू कर दी है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे राज्यमंत्री
रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता न बरतने और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक समयबद्ध तरीके से राहत व सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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