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सागर शराब कांड में बड़ा एक्शन: बंडा TI और चौकी प्रभारी सस्पेंड, ठेकेदार समेत 20 पर FIR

सागर 

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा ब्लाक क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से आठ गांवों के 14 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही 190 लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। उनमें से सात लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

जिस शराब ने इतने लोगों की जान ली है, वह सरकारी दुकानों, किराना दुकानों और कमीशन एजेंटों से खरीदी गई थी। घटना के बाद शासन ने आबकारी विभाग के तीन और पुलिस के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, जिले के आबकारी उपायुक्त को हटा दिया गया है।

पुलिस ने बरेठी के शराब ठेकेदार यशवंत ठाकुर, गद्दीदार आशीष साहू और मनीष लोधी समेत अवैध शराब का काम करने वाले 20 लोगों के विरुद्ध एक एफआईआर की है। 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। बंडा की अधिकांश शराब दुकानों को सील भी कर दिया है।

शराब में मिथाइल अल्कोहल की मिलावट

प्रशासन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि लोगों ने सागर गोल्ड नाम की देसी ब्रांड की नकली शराब पी थी, जो उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से सप्लाई की गई थी। अब तक जिन मृतकों का पोस्टमार्टम हो चुका है, उसकी रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल के सेवन से मौत की बात सामने आई है।

शनिवार रात बंडा क्षेत्र के गूगरा, नौराज, दलपतपुर, पाटन, चौका-छपरी, बमूरा, लिधौरा और रावरा गांवों में शराब पीकर घर लौटे लोगों की तबीयत खराब होने लगी। उन्हें चक्कर आने शुरू हुए, उसके बाद उल्टी होने लगी। कई लोग बेहोश हो गए। देखते ही देखते अस्पताल में ऐसे मरीजों की भीड़ लग गई।
190 लोग भर्ती, 7 की हालत गंभीर

बंडा सिविल अस्पताल में हालात ऐसे बने कि एक बेड पर दो मरीजों लिटाकर इलाज करना पड़ा। मरीजों को जब तक संभाला जाता तब तक सात लोगों की मौत हो गई।

उसके बाद गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। रविवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो चुकी थी। वहीं, 190 से ज्यादा लोगों को बंडा स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और बीएमसी में भर्ती कराया जा चुका था। अभी भी सात लोगों की हालत गंभीर हैं, जिन्हें आइसीयू में रखा है। मृतकों में अधिकांश युवा हैं।
उप्र के ललितपुर से आई थी नकली शराब की खेप

जिस शराब को पीने के बाद लोगों की मौत हुई, वह सागर गोल्ड देसी शराब की कापी बताई जा रही है। यह खेप उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आने की बात सामने आई है। राठौर डिस्टलरी के संचालक शुवेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही आबकारी विभाग में सागर गोल्ड और बाम्बे व्हिस्की की कापी बनाए जाने की शिकायत की थी।

उनका कहना है कि एथेनाल में 99.9 प्रतिशत अल्कोहल होता है, जबकि मिथाइल अल्कोहल जहरीला होता है और इसके इस्तेमाल से जान जाने का खतरा रहता है।

आबकारी और पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज

आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय से अटैच किया गया है। वहीं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही के आरोप में बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गूगरा चौकी प्रभारी पूरनलाल लड़िया को भी निलंबित कर दिया है।

पहले भी मौतों की बात आई, प्रशासन ने स्वीकारा नहीं

सागर में पहले भी नकली शराब से लोगों की मौत का मामला पहले भी सामने आया था। मकरोनिया क्षेत्र में 2022 में 10 लोगों की मौत का आरोप लगा। इसे अवैध शराब की आशंका से जोड़कर देखा गया था। इसकी जांच भी हुई, लेकिन प्रशासन ने इसे स्वीकार नहीं किया।

    मामले में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। बंडा के अलग-अलग इलाकों से अमानक शराब भी जब्त की गई है। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। – अनुराग सुजानिया, पुलिस अधीक्षक, सागर

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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