राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में अब 25 ट्रेड, 10 लाख तक मिलेगा लोन

 लखनऊ
योगी सरकार ने युवाओं और कारीगरों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा व्यापक कर दिया है। अब योजना में पहले से शामिल 11 ट्रेडों के साथ 14 नए ट्रेड जोड़े गए हैं। इस विस्तार के बाद योजना में कुल 25 ट्रेड शामिल हो गए हैं। नई व्यवस्था में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पांच नए पारंपरिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। वहीं आधुनिक जरूरतों को देखते हुए मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस को भी योजना से जोड़ा गया है।

नए ट्रेडों के जुड़ने से अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के हुनर रखने वाले अधिक कारीगर योजना के दायरे में आ सकेंगे। सरकार का यह विस्तार युवाओं को बदलती तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप कौशल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हुनरमंदों को बाजार से जोड़ने की कोशिश
उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडे, सहायक आयुक्त दिनेश आर्य का कहना है कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का विस्तार योगी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें पारंपरिक कारीगरों के हुनर को संरक्षित करने के साथ युवाओं को रोजगार के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कारोबार के लिए 10 लाख तक लोन
प्रशिक्षण के साथ कारोबार के लिए मदद का प्रावधान है। 10 लाख रुपये तक ऋण मिल सकेगा। सामान्य श्रेणी के पुरुषों को लागत का 10 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। सीजीटीएमएसई योजना के तहत ऋण 100 प्रतिशत बिना गारंटी सुरक्षित होगा। नियमित भुगतान करने पर पांच वर्षों तक ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी। छह माह की मोरेटोरियम अवधि के बाद ऋण का भुगतान 54 किस्तों में किया जा सकेगा।

10 दिन की ट्रेनिंग और 500 रुपये मानदेय
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को 15 हजार रुपये मूल्य तक की उन्नत टूलकिट फ्री दी जाएगी, साथ ही सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र भी मिलेगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button