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‘सैफई से आती थी नौकरी की सूची’, भूपेंद्र चौधरी ने सपा पर बोला हमला, बोले- परिवार और जाति से आगे नहीं बढ़ रहा एजेंडा

लखनऊ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा नेताओं ने सपा और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी को युवा विरोधी पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान नौकरियों में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताएं आम थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में निकलने वाली सरकारी नौकरियों की सूची सैफई से आती थी और एक परिवार व एक बिरादरी तक सीमित रहती थी।

‘सैफई से आती थी नौकरी की सूची’

भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओं के विरोध में रही है। उनके मुताबिक सपा सरकार में जमकर पेपर लीक होते थे और परीक्षाएं ठेके पर कराई जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी नौकरी निकलती थी, वह केवल एक परिवार और एक बिरादरी के लिए होती थी और उसकी सूची सैफई से आती थी।

‘हारते हैं तो ईवीएम को दोष देते हैं’

भूपेंद्र चौधरी ने ईवीएम के मुद्दे पर भी सपा को घेरा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जब चुनाव जीतती है तो ईवीएम पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन चुनाव हारने के बाद उसी ईवीएम को दोष देने लगती है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।

‘परिवार और जाति से आगे नहीं बढ़ता सपा का एजेंडा’

अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा जाति की राजनीति की है। सर्व समाज को साथ लेकर चलने की बात उसके एजेंडे में कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि जब सपा विपक्ष में होती है तो सर्व समाज की बात करती है, लेकिन सत्ता में आते ही उसका एजेंडा परिवार और जाति तक सिमट जाता है। भूपेंद्र चौधरी ने AI वीडियो को लेकर भी सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के वीडियो जारी करना प्रदेश की 25 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया है और AI के जरिए उसकी तस्वीर बदलकर पेश करना जनता के जनादेश का अपमान है।

‘अखिलेश को सोते हुए सरकार बनती नजर आ रही’

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी और उसके नेता को सोते हुए सरकार बनती नजर आ रही है। अखिलेश यादव के ‘जेन जी’ वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनके ‘जेन जी’ का मतलब जनता ने देखा है।

दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक-एक माफिया पैदा करने का काम किया और उन्हीं के संरक्षण में सरकार चलती थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार के दौरान जितनी वैकेंसी निकलीं, उनमें से एक भी नियुक्ति वह नहीं कर पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में युवाओं के हाथ में कट्टा देने और वसूली करने का काम किया गया।

उन्होंने कहा कि ‘जेन जी’ पहले भी भाजपा के साथ था, आज भी भाजपा के साथ है और आगे भी भाजपा के साथ ही रहेगा।

PDA मतलब- 'पराया धन अपना’

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सत्ता से बाहर होते ही उनकी ‘पर्ची और खर्ची’ बंद हो गई। इसी वजह से आज सपा PDA की राजनीति कर रही है। उन्होंने अखिलेश यादव के पुराने बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने चौरसिया, शाक्य और वर्मा समाज के लोगों को बोलने से रोकने की बात कही थी। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने पहले भी इन समाजों का अपमान किया और आज भी कर रहे हैं। PDA को लेकर उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव के लिए PDA का मतलब ‘पराया धन अपना’ है।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, समाजवादी पार्टी के लोगों का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा की पूरी राजनीति X, प्रेस और अब पोस्टर तक सीमित होकर रह गई है।

‘अखिलेश और सपा फ्रस्टेशन में’

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के लोग फ्रस्टेशन में हैं, क्योंकि पूरा प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काम से सहमत है।

मोहसिन रजा ने कहा कि मोदी और योगी सरकारों ने कानून-व्यवस्था पर काम कर लोगों को सुरक्षा देने का काम किया है और यही वजह है कि विपक्ष परेशान है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह अंतिम चुनाव है और 2027 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।

‘अखिलेश खुद कार्यक्रम जारी करते हैं और खुद कैंसिल करते हैं’

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने अखिलेश यादव के रद्द हुए दौरों को लेकर सपा के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले अखिलेश यादव का सहारनपुर दौरा रद्द हुआ और फिर बुलंदशहर का दौरा भी रद्द हो गया। इसके बाद सरकार पर परमिशन नहीं देने का आरोप लगाया गया।

अनिल कुमार ने कहा कि ये बातें निराधार हैं। उनके मुताबिक अखिलेश यादव खुद कार्यक्रम जारी करते हैं और खुद ही उसे कैंसल कर देते हैं। अनिल कुमार ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में देश में बड़ा बदलाव हुआ है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर काम को नकारने की आदत बना चुका है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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