राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

ग्रामीण आबादी को मिलेगा अपनी संपत्ति का अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामित्व योजना शुरू होने से ग्रामीण आबादी को उनका अधिकार मिलेगा। हमारी सरकार द्वारा प्रदेश के 41 हजार से अधिक गांवों में एक माह तक अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का अभियान चलाया जा रहा है। पैतृक और अपनी संपत्ति हर परिवार का सपना होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद  नितिन नबीन की उपस्थिति में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना में निजी सम्पत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री दस्तावेज प्रदान करने के अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन का पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर आगमन हुआ है। हम सभी उनका अभिनंदन करते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने दुनिया को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। हाल ही में नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान दुनिया ने इसे महसूस किया है। प्रधानमंत्री  मोदी देशवासियों के कल्याण के लिए कई योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री  मोदी का जन्मदिवस है और भगवान विश्वकर्मा की भी जयंती है। भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि की रचना के साथ-साथ सभी प्रकार के छोटे काम करने वालों को स्वावलंबन की राह दिखलाई। राज्य सरकार छोटे कामगारों के साथ खड़ी है। हमारी सरकार ने लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए 55 हजार करोड़ से अधिक राशि अब तक उनके खातों में अंतरित की है। माताओं-बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्ध हो रहा है। बहनों को रोजगार आधारित उद्योग में काम करने पर हर माह 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि का लाभ अलग से मिलेगा। हमारी सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं, जहां भगवान कृष्ण और भगवान राम के चरण पड़े हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं राज्यसभा सांसद  नवीन ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को निःशुल्क पंजीयन विलेख (रजिस्ट्री) प्रदान किए।

स्वामित्व योजना एक अनमोल उपहार :  नितिन नबीन

राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर स्वामित्व योजना के रूप में एक अनमोल उपहार दिया है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, धर्म संस्कृति और जनसेवा के लिए मजबूत नींव रखी थी। उन्होंने विधवा बहनों को संपत्ति का अधिकार और कानूनी सुरक्षा देने की पहल की थी। इसी से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामित्व योजना के माध्यम से गरीब के सपनों को जमीन पर उतारने का सराहनीय कार्य किया है। इस योजना की शुरुआत देवी अहिल्या की नगरी इंदौर से हो रही है। यह रजिस्ट्री केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण आबादी को स्वाभिमान से जीने का अधिकार है। दशकों से गांवों के लोगों को अपनी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश में स्वामित्व योजना लागू की, जिसका सुखद परिणाम अब मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में करीब 68 लाख भूखंडों का सर्वे किया है। आज से पचास लाख लोगों को नि:शुल्क रजिस्ट्री कर अधिकार दिलाने की शुरुआत हुई है। इसके लिए राज्य सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। आज भगवान विश्वकर्मा की जयंती है। देश के श्रमिक और मेहनतकश लोगों को भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद मिलता रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष  नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस पर हमने सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री  मोदी के संकल्प के बलबूते आज देश के 80 करोड़ घरों तक नि:शुल्क अनाज पहुंचाया जा रहा है। कोविड के दौर में नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। देशभर में गरीबों के जनधन बैंक खाते खोले गए। गरीब-जरूरतमंदों को स्वाभिमान से जीने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री जी ने पिछले 25 सालों से सेवा और समर्पण भाव से देश की सेवा की है। मध्यप्रदेश की धरती से हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री  मोदी की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद का दीया जलाएंगे। प्रधानमंत्री  मोदी जब किसी वैश्विक आयोजन में जाते हैं तो दुनिया में भारत का डंका बजता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने 17 सितंबर 2025 को स्वस्थ नारी शक्ति परिवार योजना का शुभारंभ किया। वर्ष 2023 में इसी दिन देश के कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की। आज दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया-2026 का उद्घाटन हो रहा है। मध्यप्रदेश में 50 लाख लोगों को स्वामित्व योजना का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी ने हर योजना में अंत्योदय के भाव को सर्वोपरि रखा है। प्रधानमंत्री के संकल्प से अयोध्या में भव्य राम मंदिर और उज्जैन में महाकाल महालोक का निर्माण हो चुका है। देश की 3 करोड़ से अधिक लखपति बहनें स्वावलंबी बनी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं 93 लाख बहनें आजीविका मिशन के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे रही हैं। युवाओं के लिए स्टार्टअप योजना और मुद्रा योजना संचालित हैं। देश में 2 लाख स्टार्टअप आगे बढ़ रहे हैं, जो दूसरों को रोजगार के अवसर दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री  मोदी ने सीमावर्ती गांवों में विकास को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री  मोदी ने गरीब-जरूरतमंदों को केंद्र में रखते हुए योजनाएं बनाई हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकसित भारत @2047 का सपना देखा है। देश का हर नागरिक अपना विकास करेगा तो देश भी निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा।

उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को सुशासन और जनकल्याण के कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज पूरे देश के साथ मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री  मोदी का जन्मदिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन भी पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर आए हैं। प्रधानमंत्री  मोदी का पूरा जीवन सेवा, समर्पण और अंत्योदय को समर्पित रहा है, उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं माना। इसी पावन भावना को आधार बनाकर मध्यप्रदेश सरकार स्वामित्व योजना का शुभारंभ कर रही है। प्रधानमंत्री  मोदी का मानना है कि हर गरीब और जरूरतमंद के पास उसका पक्का मकान होना चाहिए। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 अभियान के पुनीत कार्य में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष सेवाभाव और समर्पण शामिल रहा है। यह सिर्फ कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि गरीब के स्वाभिमान और उनके स्वर्णिम भविष्य की पक्की मुहर है।

प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन, बैंक खाते, पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से अपनी संपत्ति पर निवास कर रहे लोगों को उनके मकानों और भूमि के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में स्वामित्व योजना महत्वपूर्ण पहल है। मध्यप्रदेश में लगभग 50 लाख लोगों को उनके घरों के दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का अधिकारिक दस्तावेज मिलेगा और आवश्यकता पड़ने पर बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में भी सहायता मिलेगी। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता लोककल्याण को माना था। उसी भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीणों के हित में कार्य कर रही है। बाबा महाकाल का आशीर्वाद, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रारंभ यह पहल ग्रामीण भारत के भविष्य को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

विकास प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  नितिन नबीन और अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं जिले में संचालित विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 में निजी सम्पत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री  मोदी के सपने को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत 50 लाख निजी संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुरू किया है। अब प्रदेश के ग्रामीण भाइयों-बहनों को घरों की रजिस्ट्री के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में अब तक लगभग 68 लाख अधिकार पत्र तैयार किए गए हैं, इनमें 50 लाख निजी संपत्तियों के हैं। आज से इन्हीं मकान मालिकों को नि:शुल्क रजिस्ट्री देने के लिए राज्य सरकार लगभग 4 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

पंचायत स्तर पर तीन चरणों में होंगे विशेष शिविर, स्थानीय स्तर पर पूरी होगी पंजीयन प्रक्रिया

योजना के अंतर्गत हितग्राहियों की संपत्ति के आधार पर सुगमता से ऋण उपलब्ध कराने के लिए तैयार निजी अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त कर सकेंगे। प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ग्राम एवं पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष शिविर आयोजित होंगे। प्रथम चरण 17 से 19 सितंबर, द्वितीय चरण 24 से 26 सितंबर और तृतीय चरण 1 से 3 अक्टूबर तक होगा। आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य होगी। ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से निष्पादन और ‘संपदा’ एप पर विलेख (रजिस्ट्री) के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूर्ण करने के लिए पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंजीयन पूर्ण होने के बाद विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान की जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी समीक्षा की जाएगी और इसे एक माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री  सावित्री ठाकुर, सांसद  शंकर लालवानी,  गजेंद्र पटेल तथा सु कविता पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष  रीना सतीश मालवीय,  महेंद्र सिंह, विधायकगण  रमेश मेंदोला,  गोलू शुक्ला,  मालिनी गौड़,  महेंद्र हार्डिया, सु उषा ठाकुर,  मधु वर्मा तथा  मनोज पटेल, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  सुमित मिश्रा तथा  श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और नागरिक भी उपस्थित रहें।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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