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सागर जहरीली शराब कांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

 सागर
 जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपितों में से एक मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर को  तड़के एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मुठभेड़ में पुलिस की गोली मनीष के पैर में लगी। पुलिस के मुताबिक यह मुठभेड़ मालथौन थाना क्षेत्र के नोनिया-सेसई रोड घाटी पर हुई। इसमें उसका साथी आशीष साहू भी घायल हुआ है। मनीष की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस की घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मनीष लोधी और आशीष साहू बाइक से मड़ावरा-नोनिया क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। सूचना पर थाना बंडा और विनायका पुलिस की टीमों ने घेराबंदी की। बुधवार सुबह करीब तीन बजे दोनों आरोपित बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने को कहा तो आरोपितों की ओर से पुलिस टीम पर फायर किया गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली आरोपित मनीष लोधी के पैर में लगी। उसका साथी आशीष साहू भागते समय गिरने से चोटिल हो गया।

कट्टा-कारतूस-चाकू जब्त
पुलिस टीम ने मनीष के पास से 12 बोर का देसी कट्टा और आशीष के पास से 15 बोर का कट्टा, एक जिंदा कारतूस, आठ खाली कारतूस, चाकू, बेसबाल का डंडा बरामद किया है। उनकी बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने दोनों को घायल हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है।

जहरीली शराब से हुईं 40 से ज्यादा मौतें
बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 41 लोगों की मौत की बात सामने आ चुकी है। प्रशासन ने 20 मौतों की बात स्वीकार की है। पुलिस ने इस मामले में कुल 52 आरोपितों को चिह्नित किया है। इनमें से अब तक 39 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें शराब बनाने वाले और गांव में अवैध शराब बेचने वाले दो आरोपितों की मौत भी जहरीली शराब पीने के कारण हो चुकी है।

जहरीली शराब कांड के सूत्रधारों में से एक
पुलिस ने बताया कि मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर शराब ठेकेदार था। जहरीली शराब बनाने और बेचने के धंधे के मुख्य सूत्रधारों में उसकी भूमिका थी। मनीष ने ही अपने नेटवर्क के जरिए नकली शराब को सरकारी ठेकों और गांव-गांव की दुकानों तक पहुंचाया था। आशीष साहू इसमें उसका सहयोगी था।

मनीष पर पहले से 11 मामले
पुलिस के अनुसार मनीष लोधी के खिलाफ कुल 11 अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2010 में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम का पहला मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2012 में भी वह शराब तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। उसके खिलाफ छह आबकारी प्रकरण दर्ज हैं। वहीं आशीष साहू के खिलाफ तीन आबकारी अपराध दर्ज होना सामने आया है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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