भिलाई निगम में पेवर ब्लॉक घोटाला,8 इंजीनियर दोषी करार
विधायक रिकेश द्वारा बर्खास्तगी की मांग पर गरमाई राजनीति

भिलाई नगर-नगर पालिक निगम भिलाई में जनता के खून-पसीने की कमाई और सरकारी राशि के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। परियोजना शाखा के अंतर्गत हुए पेवर ब्लॉक स्थापना कार्य में लाखों के भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद वैशाली नगर के तेज तर्रार विधायक रिकेश सेन ने भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
आपको बता दें कि भाजपा पार्षदों द्वारा की गई शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक रिकेश सेन ने कलेक्टर से इसकी उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सौंपी गई थी।
जांच में निगम के सब इंजीनियर समेत कुल 8 अधिकारियों को सीधे तौर पर दोषी पाया गया है। अर्पित बंजारे, श्वेता महेश्वर, श्वेता वर्मा, रीमा जामुलकर, पुरुषोत्तम सिन्हा, प्रभा टोप्पो, कृष्णा जंघेल और चंदन निर्मलकर को जांच टीम ने दोषी बताया है। इनमें से 7 अधिकारियों पर लगभग 16 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी निकाली गई है।
रिकेश सेन ने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल रिकवरी निकालकर भ्रष्ट अधिकारियों को छोड़ देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है।रिकेश सेन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों पर कड़ी बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
शहर सरकार यदि इन्हें संरक्षण देना बंद नहीं करती और तत्काल विशेष बैठक बुलाकर बर्खास्तगी का प्रस्ताव नहीं भेजती, तो यह माना जाएगा कि यह पूरा भ्रष्टाचार शहर सरकार के इशारे पर हुआ है। जनता को बेनकाब चेहरों की सच्चाई दिखाने के लिए इन सभी इंजीनियर्स के पोस्टर पूरे शहर में लगाए जाएंगे।भिलाई की जनता यह उम्मीद लगाए बैठी है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले इन जिम्मेदारों पर शासन स्तर से कड़ा हंटर चलेगा।




