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मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में फार्मा, मेडिकल डिवाइस सेक्टर के उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में फार्मा, मेडिकल डिवाइस सेक्टर के उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

सेक्टर आधारित निवेश अवसरों को उद्योगों की जरूरत से जोड़कर रोजगार के नए अवसरों पर रहेगा फोकस

भोपाल 
मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले होने वाले इस संवाद में मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टर के औद्योगिक क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध निवेश अवसरों को संबंधित उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।

मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में ही नहीं है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। यहां ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों से जुड़े बड़े उद्योग समूह हैं। मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को संबंधित कंपनियों तक पहुंचा रहा है, ताकि प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक अवसरों को उद्योगों की जरूरत और उनकी विस्तार योजनाओं से जोड़ा जा सके।

विशेष क्षेत्रों में निवेश के अवसर

मुंबई संवाद में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम के बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार के पीएम मित्र पार्क और उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। ये परियोजनाएं अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का हिस्सा हैं।

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, धार में टेक्सटाइल और गारमेंट तथा उज्जैन में मेडिकल डिवाइसेज और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से संबंधित उद्योगों के साथ सहायक इकाइयों और स्थानीय सप्लाई चेन के विकास की संभावनाएं भी बनेंगी।

निवेश के साथ रोजगार पर जोर

मध्यप्रदेश सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश में उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ उनके सप्लायर, सहायक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं का काम भी बढ़ता है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी। इन बैठकों में कंपनियों की निवेश और विस्तार योजनाओं के साथ उनकी जरूरतों को भी समझा जाएगा। भूमि, बिजली, लॉजिस्टिक्स, कुशल मानव संसाधन, सप्लाई चेन, अनुमतियों और नीतिगत सहयोग जैसे विषयों पर सीधे चर्चा होगी।

उद्योगपतियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर प्रदेश की निवेश सुविधा व्यवस्था को उनकी जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। सरकार के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को किस तरह की सुविधाओं और सहयोग की आवश्यकता है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र पर विशेष चर्चा

मुंबई कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल क्षेत्र के साथ केंद्रित राउंडटेबल मीटिंग भी होगी। इसमें मध्यप्रदेश के फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क से संबंधित प्रेजेंटेशन भी उद्योग प्रतिनिधियों के दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में विशेष क्षेत्र के अनुरूप औद्योगिक अधोसंरचना तैयार करने का उद्देश्य संबंधित उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे निवेशकों को अपने क्षेत्र के अनुसार औद्योगिक आधार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना रहेगी।

उद्योगों के साथ सीधे संपर्क का विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधा संपर्क बढ़ाया है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में जाकर संबंधित उद्योगों से बातचीत की जा रही है।

मुंबई में भारत स्थित विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद होगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाने और विदेशी निवेशकों को प्रदेश के क्षेत्र विशेष के अवसरों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी नई औद्योगिक अधोसंरचना और क्षेत्र विशेष के औद्योगिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाओं और निवेश सुविधा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और उनकी जरूरतों पर सीधे चर्चा करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 2027 से पहले यह संवाद निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों से संपर्क बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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