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‘गृहलक्ष्मी’ से ‘गृहस्वामिनी’ बनीं बेबी, सीएम आवास योजना से साकार हुआ पक्के आशियाने का सपना

नवरात्र विशेष-7: मालिकाना शक्ति

यह मेरा घर है, इसे कोई नहीं उजाड़ सकता

10 साल कच्चे मकान में गुजारने के बाद अब अपनी छत की मालकिन, शक्ति का मर्म अब साक्षात

अलीगढ़
मान्यता है कि जहां शक्ति का सम्मान होता है, वहीं घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अकराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत टुआमई की बेबी के लिए यह शक्ति उस पक्की छत में है, जिसकी मालकिन आज वह स्वयं हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना ने उन्हें वह सुरक्षा दी है, जिसे वह कभी केवल सपने में देखती थीं।

जब हर बरसात होती थी अग्निपरीक्षा
दस साल तक कच्चे मकान में रह चुकी बेबी बताती हैं कि उनका अपना घर किसी सपने की तरह लगता है। इसकी मालिक होने का अहसास गौरव की अनुभूति कराता है। पहले कच्चे मकान में बरसात में छत टपकती थी और दीवारों में सीलन भर जाती थी। कई बार पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती थी। मन में हमेशा डर और असुरक्षा बनी रहती थी। आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि वह पक्का मकान बनवा पातीं। वह बरसों से एक सुरक्षित ठिकाने की आस लगाए बैठी थीं।

वित्तीय वर्ष 2023-24: बदल गई तकदीर
वित्तीय वर्ष 2023-24 में बेबी को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ। किस्तों में धनराशि सीधे उनके खाते में आई और उसी से उन्होंने अपना पक्का मकान खड़ा किया। पंचायत राज विभाग की ओर से शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये भी मिले। अब उनके सिर पर सुरक्षित छत है। बेबी अकेली नहीं हैं। 12 ब्लॉकों की सैकड़ों महिलाएं आज अपने घर की मालकिन होने पर गर्व महसूस कर रही हैं। पक्का मकान मिलने से परिवारों को सुरक्षा मिली है और समाज में सम्मान भी बढ़ा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है।

मालिकाना हक, यानी आत्मसम्मान की नींव
अपने नाम का घर केवल ईंट-गारे की दीवारें नहीं होता। यह स्त्री के आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वाभिमान की नींव है। बेबी कहती हैं कि अब उन्हें किसी बात का डर नहीं है। यह घर उनका अपना है और इसे कोई नहीं उजाड़ सकता। वह बताती हैं कि पहले हमारा कच्चा मकान था। बहुत परेशानी होती थी। आवास मिलने से बहुत लाभ हुआ है। अब पक्की छत हो गई है और बरसात में कोई परेशानी नहीं होती। जीवन खुशहाल हो गया है।

1,510 परिवारों के आंगन में पहुंची खुशहाली
अलीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत वर्ष 2022-23 में हुई थी। इस पर सरकार ने 18.12 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रत्येक लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि योजना के तहत अब तक करीब 1,510 परिवारों को छत उपलब्ध कराई गई है। वह कहते हैं कि यह योजना निर्धन परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने का प्रयास है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,178 और परिवारों को योजना का लाभ दिया जाएगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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