जिलेवार ख़बरें

छत्तीसगढ़ के रावघाट पहुंची पहली मेमू ट्रेन, आजादी के बाद पहली बार दिखी रेल

रायपुर
 छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का लगातार विस्तार हो रहा है। प्रदेश के कई हिस्से आज भी ऐसे हैं, जहां आजादी के बाद भी ट्रेन नहीं पहुंची है।  ताड़ोकी–रावघाट और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइनों का उद्घाटन हुआ है। पहली बार इस रूट पर बिलासपुर रेल मंडल की पहली महिला लोको पायलट ट्रेन लेकर पहुंची।

प्रतिभा बंसोड़ लेकर पहुंचीं ट्रेन
दरअसल, भिलाई की रहने वालीं प्रतिभा बंसोड़ रेल मंडल की पहली महिला लोको पायलट हैं। उद्घाटन के बाद वह ऐसी जगह पर गाड़ी लेकर पहुंचीं, जहां आजादी के बाद लोगों ने कभी ट्रेन ही नहीं देखी है। नई ट्रेन लेकर जाने की खुशी प्रतिभा बंसोड़ के चेहरे पर साफ दिख रही थी।

आजादी के बाद भी नहीं पहुंची थी ट्रेन
महिला लोको पायलट प्रतिभा बंसोड़ ने एक स्थानीय अखबार से बात करते हुए कहा कि पहली बार अबूझमाड़ के रावघाट तक ट्रेन पहुंची है। यहां के लोगों ने आज तक ट्रेन नहीं देखी थी। मुझे यह मौका मिला कि मैं पहली बार यहां ट्रेन लेकर आई हूं।

बेहद खास है अनुभव
उन्होंने कहा कि यह अनुभव अपने आप में बेहद खास है। यहां के लोगों के लिए बाहर जाना बहुत मुश्किल था। सप्ताह में छह दिन अब मेमू ट्रेन चलेगी। इससे लोगों की जिंदगी आसान हो जाएगी। दूसरे शहर में आसानी से जा सकते हैं।

अधिकारियों को कहा थैंक्यू
दरअसल, इस रूट पर पहली बार रेल गाड़ी चलाने का मौका प्रतिभा बंसोड़ को मिला है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों का आभार जताया है कि मुझे यह मौका दिया गया। हालांकि प्रतिभा बंसोड़ अब तक तीन नई ट्रेनों को चला चुकी हैं। उनके लिए यह हैट्रिक है।

1628 करोड़ रुपए हुए हैं खर्च
1,628 करोड़ रुपए की लागत से बनी 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन के ताड़ोकी–रावघाट खंड के 17.5 किलोमीटर हिस्से के शुरू होने के साथ ही ट्रेनें दौड़ने लगी हैं। इस रेल संपर्क से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क की ढुलाई तेज होगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र और व्यापक लौह एवं इस्पात उद्योग को समर्थन मिलेगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button