श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में,राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों पर राष्ट्रीय कार्यशाला का दिसम्बर में होगा आयोजन

भिलाई-शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के तत्वाधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के विभिन्न आयामो उसके प्रभावी कियान्वयन तथा उच्च शिक्षा में नवाचार की संभावनाओ पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन 25, 26 एवं 27 दिसंबर को किया जा रहा है।श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा ने कार्यशाला की पूर्व तैयारी के लिए आयोजित बैठक में कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा को प्रोत्साहित करना, विभिन्न ज्ञान-विषों के मध्य समन्वय स्थापित करना, अनुसंधान एवं नवाचार की संस्कृति को विकसित करनातथा विद्यार्थियों में रचनात्मक चिंतन, कौशल, उद्यमशीलता एवं समग्र व्यक्तित्व विकास की संभावनाओं को व्यापक बनाना है।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नईदिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल कोठारी ने आयोजन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक व्यापक क्षेत्र को समन्वित करती है, जिसमें ऐसा ज्ञान जो समग्र शिक्षा का पर्याय है। अपनी संस्कृति, कौशल और बहु विषयों का ज्ञान इसमें समाहित है।हमें प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही इसके आयामों पर सारगर्भित चर्चा कर बेहतर कार्य करना है। विकास वर्ग में विभिन्न पहलुओं पर विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा ही साथ ही सबके सुझाव, अनुभव से ठोस निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। उन्होंने शिक्षा के लिए विकसित जिला की योजना बना कर कार्य करने को कहा।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक ओमप्रकाश शर्मा ने कार्यकर्ता विकास वर्ग के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देश भर के 300 कार्यकर्ता इस तीन दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण सत्रों में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ संजय स्वामी ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार विमर्श करते हुए सिलसिलेवार मार्गदर्शन दिया।बैठक में आई आई टी भिलाई के डायरेक्टर डॉ राजीव प्रकाश, सूरत से क्षेत्र संयोजक डा. अतुल सराफ, रांची से डा. पियुष रंजन, जबलपुर से डा. निलेश पांडे, औरंगाबाद से डॉ श्रीमती विशाला शर्मा, कानपुर से डॉ. सुमित गुप्ता, रायपुर से डा. दिलीप केशरवानी बैठक में शामिल हुए।
विश्वविद्यालय की कुलपति डा. स्मिता सेलट ने कहा कि यह गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा के बाद राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन का दायित्व विश्वविद्यालय को मिला है। राष्ट्रीय शिक्षा-नीति पर देशभर के शिक्षाविद्ध इस पर विचार विमर्शकरेंगे।
राष्ट्रीय कार्यशाला एवं कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारी के लिय स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में सुझाव और विमर्श कर रूपरेखा बनाई गई। विश्वविद्यालय के डायरेक्टर विकास डॉ सुशील चंद्र तिवारी एवं कुलसचिव डॉ वैभव तिवारी, डॉ स्वर्णली दास पॉल, डॉ धनेश जोशी, पल्लवी सिघाड़े, डॉ गुरमीत, डॉ अभिषेक सहित स्थानीय व्यवस्था संबंधी चर्चा में शामिल हुए।




