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लगातार तीसरे साल बस्तर ओलंपिक को लेकर उत्साह, 6 लाख से ज्यादा खिलाड़ी मैदान में उतरने को तैयार

रायपुर

खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित किए जा रहे बस्तर ओलंपिक को लेकर पूरे बस्तर संभाग में खासा उत्साह है। इस बार छह लाख से अधिक खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेने के लिए अपना पंजीयन कराया है। खास बात यह है कि खेल के मैदान में उतरने के उत्साह में बस्तर की बेटियां और महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। कुल 6 लाख 492 पंजीकृत खिलाड़ियों में 3 लाख 83 हजार 094 महिलाएं और 2 लाख 18 हजार 398 पुरुष हैं। 

बस्तर संभाग के सातों जिलों से इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया है। विकासखंड स्तर से शुरू होने वाली इन प्रतियोगिताओं के विजेता जिला और फिर संभाग स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाएंगे। विकासखंड स्तरीय मुकाबले 4 नवम्बर से 6 नवम्बर तक, जिला स्तरीय 16 नवम्बर से 25 नवम्बर तक और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं 7 दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक प्रस्तावित हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण में रिकॉर्ड संख्या में पंजीयन के लिए बस्तरवासियों के उत्साह की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इसके पिछले दोनों आयोजनों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है। शासन और लोगों के बीच प्रत्यक्ष संबंध मजबूत करने, क्षेत्र के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने तथा उनकी रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खिलाड़ी के रूप में तैयार करने लगातार तीसरे वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है।

कांकेर में सबसे ज्यादा पंजीयन

बस्तर ओलंपिक के लिए 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक खिलाड़ियों के पंजीयन किए गए हैं। इस दौरान संभाग के सातों जिलों से कुल 6 लाख 492 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों से 1 लाख 63 हजार 696 अधिक है। जिलावार आंकड़ों में कांकेर 1 लाख 23 हजार 216 पंजीयन के साथ सबसे आगे है। बस्तर जिले में 1 लाख 4 हजार 841, कोण्डागांव में 85 हजार 584, सुकमा में 80 हजार 313, दंतेवाड़ा में 80 हजार 175, नारायणपुर में 63 हजार 506 और बीजापुर में 62 हजार 857 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। बस्तर ओलंपिक को लेकर बस्तरवासियों, खासकर महिलाओं और युवाओं में अच्छा उत्साह है।

तीन स्तरों पर खेल कौशल दिखाने का मौका

बस्तर ओलंपिक में विकासखंड स्तर के विजेता जिला स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे, जबकि जिला स्तर के विजेताओं को संभाग स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय आयोजन में प्रतिनिधित्व करेंगे। हॉकी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं सीधे जिला स्तर पर आयोजित की जाएंगी।

11 खेलों के होंगे मुकाबले

प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग के अंतर्गत 14 से 17 वर्ष के बालक-बालिकाएं और सीनियर वर्ग में बिना किसी आयु बंधन के महिला एवं पुरुष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। कुल 11 खेल विधाओं में मुकाबले होंगे। इनमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी शामिल हैं।

बस्तर ओलंपिक में नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी भागीदारी की विशेष व्यवस्था की गई है। ये प्रतिभागी विकासखंड और जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं से गुजरे बिना सीधे संभाग स्तरीय आयोजन में हिस्सा लेंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बस्तर के खेल प्रेमियों, अभिभावकों और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में खेल मैदानों में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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