व्यापार जगत

रूस और चीन ने द्विपक्षीय व्यापार में डॉलर का इस्तेमाल बंद कर दिया: रूस के विदेश मंत्री

रूस
रूस और चीन ने द्विपक्षीय व्यापार में डॉलर का इस्तेमाल बंद कर दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने रूस के क्षेत्रीय प्रमुखों की बैठक के दौरान यह जानकारी दी। लावरोव ने बताया कि दोनों देश आपसी व्यापार में स्थानीय करेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में रोड़ा अटकाने की तमाम कोशिशों के बावजूद रूस और चीन के मध्य आर्थिक संबंधों में तेजी से प्रगति हो रही है और दोनों देशों के मध्य हो रहे कुल व्यापार में 90 प्रतिशत व्यापार स्थानीय करेंसी के माध्यम से किया जा रहा है दोनों देशों के मध्य एनर्जी सेक्टर के अलावा रूस के कृषि उत्पादों का निर्यात चीन को तेजी से बढ़ रहा है। औद्योगिक और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के संयुक्त प्रोजेक्टों को तेजी के साथ लागू किया जा रहा है। इस आपसी सहयोग का सीधा लाभ रूस और चीन की सीमाओं पर बने माहौल के रूप में देखने को मिल रहा है।

रूस और चीन बढ़ा रहे सोने का भंडार
पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के बीच चीन और रूस अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उत्पादक है इसके बावजूद चीन ने 2022 में 67.6 बिलियन डॉलर के सोने की खरीद की है। यह 2022 में दुनिया में सोने की दूसरी सबसे बड़ी खरीद है जबकि स्विजरलैंड 94.9 बिलियन डॉलर के सोने की खरीद के साथ पहले नंबर पर रहा था। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक रूस ने 2023 में 324.7 टन सोने का उत्पादन किया है जबकि चीन 374 मिलियन टन सोने के उत्पादन के साथ पहले नंबर पर है। रूस का लक्ष्य हर साल सोने के उत्पादन में चार फीसदी वृद्धि करने का भी है।

दरअसल पश्चिमी जगत द्वारा रूस पर लगाए गए तमाम आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद रूस की अर्थव्यवस्था 2023 में 3.6 फीसदी की दर से बढ़ी है और 2024 में इसके 2.6 प्रतिशत की दर के साथ बढ़ने की उम्मीद है। रूस 2013 से ही पश्चिमी जगत द्वारा उस पर लगाए जाने वाले आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा था ऐसे में जब यूरोप ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए तो अपनी करेंसी रूबल को गिरावट से बचाने के लिए उसने 2022 एक औंस सोने की कीमत 5 हजार रूबल पर फिक्स कर दी जिस से रूस की करेंसी में गिरावट थम गई।  

आर्थिक प्रतिबंधों के बाद वेनेजुएला तेल का कारोबार क्रिप्टोकरेंसी में करेगा
अमरीका द्वारा आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA तेल का निर्यात क्रिप्टोकरेंसी में बना रही है। वेनेजुएला द्वारा अपने देश में चुनाव सुधार न करने के बाद अमरीका ने PDVSA से तेल खरीदने वाले देशों को 31 मई के बाद पेमेंट चैनल बंद किए जाने का नोटिस दिया है। ऐसी स्थिति में वेनेजुएला उन देशों को तेल का निर्यात नहीं कर पाएगा जिनके साथ उसका कारोबार डॉलर में होता है। आर्थिक प्रतिबंधों के चलते वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा क्योंकि वेनेजुएला के तेल कारोबार में ग्रोथ रुक जाएगी। PDVSA पिछले साल से ही क्रिप्टोकरेंसी टीथर में कारोबार की शुरुआत कर चुका है और भविष्य में इस क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button