राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बिहार में छात्र कल्याण के लिए बनेगा अलग निदेशालय, शिक्षा-परीक्षा सुधार को मिलेगी नई दिशा

पटना
बिहार में छात्र कल्याण से जुड़े काम-काज को प्रभावी ढंग से लागू करने और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए चार सरकारी विभागों का एक अलग निदेशालय गठित होगा। शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी तथा युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मिलकर यह निदेशालय बनाएंगे। इस नई व्यवस्था से शिक्षाा और परीक्षाा में सुधार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को अधिवेशन भवन में शिक्षा अधिकारियों के दो दिवसीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर के उद्घाटन के मौके पर यह घोषणा की। कार्यशाला में शिक्षा विभाग के 322 अधिकारी भाग ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और परीक्षा में सुधार के लिए दो राज्यस्तरीय कमेटियों के गठन की भी घोषणा की। एक कमेटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराएगी ताकि हर विद्यालय उत्कृष्टता का केंद्र बने और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार हो। दूसरी कमेटी परीक्षा सुधार की होगी, जो परीक्षाओं को सुचारू, पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए कार्य करेगी। यह समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा आधारित मूल्यांकन में तकनीकी एवं एआई के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन का सुझाव देगी।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को बिहार का भविष्य बताते हुए कहा कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आने वाली पीढ़ी ही राज्य का नवनिर्माण करेगी। सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे बिहार के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े।

उन्होंने कहा कि समर्थ लोग अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। लेकिन, संसाधनों की कमी से जूझने वालों के लिए बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 18 हजार करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं और इसका बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में जा रहा है। कोटा में लाखों बच्चे पढ़ने जाते हैं और वहां पढ़ाने वाले अधिकतर शिक्षक भी बिहार के हैं।

छात्रों के लिए प्रत्येक माह सहयोग शिविर लगेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक एवं वरीय पदाधिकारी स्कूलों-कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। उनसे प्राप्त सुझावों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह छात्रों के लिए सहयोग शिविर का आयोजन होगा और उनकी समस्याओं और सुझावों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबतक 551 मॉडल स्कूल बनाए जा चुके हैं। लक्ष्य 1001 मॉडल स्कूल बनाने का है। शिक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट और सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें दोषियों को एक वर्ष तक कैद का प्रावधान है।

रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त से ऐसी व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसके तहत विद्यार्थी रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से रात 11 बजे भी छात्र किसी सवाल का उत्तर शिक्षक से पूछ सकते हैं।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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