छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

अनन्त चतुर्दशी 6 सितंबर के दिन ही करें विसर्जन, छोटी मूर्तियां कुंड में ही करें विसर्जित-विधायक रिकेश सेन

भिलाई नगर- अनंत चतुर्दशी का दिन सनातन धर्म में बहुत खास माना गया है। इसी दिन दिगंबर जैन धर्मावलंबियों का पर्यूषण पर्व समाप्‍त होता है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने क्षेत्र की सभी बड़ी छोटी पूजा समितियों से अपील की है कि अनंत चतुर्दशी, 6 सितंबर के दिन ही गणेशजी की मूर्तियों का विसर्जन करें।

विधायक सेन ने कहा कि गणपति विसर्जन एक भावुक पल होता है। इसमें भक्त भगवान के अपने घर पधारने के लिए आभार जताते हैं और अगले वर्ष फिर आने का निवेदन करते हैं। गणपति विसर्जन पूरे विधि-विधान, श्रद्धा के साथ किया जाता है। सभी पूजा समितियों को शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए समय पर विसर्जन करना है ताकि आगामी वर्षों के आयोजन में उन्हें परमिशन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

रिकेश सेन ने कहा कि मूर्ति विसर्जन से जल स्त्रोतों की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिसके फलस्वरूप न केवल जलीय जीव-जंतुओं की जान को खतरा उत्पन्न होता है, अपितु जल प्रदूषण की स्थिति भी उत्पन्न होती है। मूर्ति का विसर्जन किये जाने के संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल सेन्ट्रल जोनल बेंच द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन करते हुए निश्चित समय पर ही विसर्जन करना है। इसके लिए नगर निगम भिलाई ने आवश्यक व्यवस्था भी की है। विसर्जन के लिए सूचीबद्ध सभी तालाब,नदी एवं अस्थायी पांड,कुंड तक पहुँच मार्ग सहित विसर्जन उपरांत वेस्ट मटेरियल, पूजा सामग्री, फूल, कपड़े, प्लास्टिक, पेपर आदि को सुरक्षित एकत्र कर पुर्नउपयोग एवं कम्पोस्टिंग में किया जाना है। मूर्ति विसर्जन स्थल पर पर्याप्त घेराबंदी व सुरक्षा की व्यवस्था है।

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मूर्तियों के विसर्जन से राज्य के जल स्त्रोतों की जल गुणवत्ता पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं जिनका पालन करते हुए सभी पूजा समितियां विसर्जन प्रक्रिया समय पर पूरी करें।

उन्होंने कहा कि घर में विराजी छोटी मूर्तियों को नदी,तालाब ले जाने की बजाय अस्थायी पांड,कुंड में विसर्जित करें। साथ ही पूजा सामग्री जैसे-फूल, वस्त्र, कागज एवं प्लास्टिक से बनी सजावट की वस्तुएं मूर्ति विसर्जन के पूर्व अलग कर इसका अपवहन उचित तरीके से करें, जिससे नदी या तालाब में प्रदूषण की स्थिति नियंत्रित हो सके।

Dinesh Purwar

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button