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यूपी में खुल रहे रोजगार के अवसर, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और नौकरी

यूपी में खुल रहे रोजगार के अवसर, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और नौकरी

अशोक लीलैंड के प्लांट से 1000 युवाओं को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार, 2000 से अधिक को अतिरिक्त आजीविका के अवसर

प्रतिवर्ष 10,000 युवाओं को स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के लिए जल्द एमओयू भी करेगी कंपनी

उत्तर प्रदेश में पौने नौ वर्षों में निवेश के आधार पर प्रदेश सरकार ने दी 60 लाख से अधिक रोजगार की मजबूत गारंटी

प्रदेश में अब तक 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत, 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित

लखनऊ,
 उत्तर प्रदेश में उद्योग और निवेश के बढ़ते माहौल के बीच अशोक लीलैंड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शुभारंभ राज्य में रोजगार के नए द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। यह प्लांट न केवल औद्योगिक विकास का प्रतीक है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि इस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं विकसित हुई हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।

अशोक लीलैंड के इस प्लांट में सीधे तौर पर 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि इसके साथ जुड़े सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से अतिरिक्त 2000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर यह परियोजना हजारों परिवारों की आजीविका से सीधे जुड़ने जा रही है। इसके साथ ही कंपनी द्वारा प्रदेश सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू करने की तैयारी भी है, जिसके तहत हर वर्ष उत्तर प्रदेश के 10 हजार युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जाएगा। इसका अर्थ है कि केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि युवाओं को आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे भविष्य के उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के योग्य बन सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना चुका है। राज्य सरकार ने निवेश आधारित रोजगार के माध्यम से 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार की गारंटी दी गई है। यह संकेत है कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर रोजगार के रूप में सामने आ रहा है।

श्रम विभाग के ताजा आंकड़े भी इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। मार्च 2016 से 26 दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 30,219 फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें 3 करोड़ 63 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इसके अलावा विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और अनन्य आर्थिक क्षेत्र में 96 इकाइयां पंजीकृत की गई हैं। साथ ही इन्वेस्ट यूपी के सारथी पोर्टल पर लगभग 23,000 एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे लगभग 90 लाख रोजगार सृजन की संभावना जताई गई है। अशोक लीलैंड का प्लांट इन्हीं एमओयू और ग्राउंडब्रेकिंग परियोजनाओं का साकार रूप है।

अशोक लीलैंड का यह प्लांट उत्तर प्रदेश को ऑटोमोबाइल और कमर्शियल वाहन निर्माण का एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, मशीनरी संचालन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर मिलेंगे। इससे क्षेत्र के छोटे उद्योगों, परिवहन सेवाओं, पार्ट्स निर्माण इकाइयों और मरम्मत सेवाओं को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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