खेल जगत

अर्जुन कुच्छल ने जीती ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी

जयपुर
रामबाग गोल्फ क्लब में आयोजित श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप 2026 में अर्जुन कुच्छल ने ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी अपने नाम की। एक दिवसीय इस गोल्फ टूर्नामेंट में करीब 143 गोल्फर्स ने हिस्सा लिया। टूर्नामेंट का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न श्रेणियों और हैंडीकैप कैटेगरी के विजेताओं एवं उपविजेताओं को सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट में बिज़नेस पर्सनालिटी, उद्योग जगत, न्यायपालिका, सेना और रेलवे सहित विविध पृष्ठभूमि के गोल्फर्स ने भाग लिया। प्रतियोगिता स्टेबलफोर्ड – सिंगल पियोरिया फॉर्मेट में खेली गई। इस मौके पर कपिल देव, मदन लाल, गगन खोड़ा और अमृत माथुर सहित सेलिब्रिटी गोल्फर्स भी मौजूद रहे। हैंडीकैप श्रेणियों में उपविजेता के रूप में 0–9 कैटेगरी में दीप करन सिंह, 10–18 कैटेगरी में योगेंद्र सिंह, तथा 19–24 कैटेगरी में योगेंद्र गोटेवाल रहे।
हैंडीकैप श्रेणियों में विजेताओं में 0–9 कैटेगरी में हिमांशु सिंह, 10–18 कैटेगरी में देवेंद्र राजावत, तथा 19–24 कैटेगरी में अंकुर ठाकुर शामिल रहे। वेटरन गोल्फर अवॉर्ड डॉ. बसंत खेतान ने जीता, जबकि लेडी गोल्फर का खिताब विम्मी भाटिया ने अपने नाम किया।
इस अवसर पर कपिल देव ने कहा, “गोल्फ के प्रति इतना उत्साह और सभी प्रतिभागियों में खेल भावना देखकर सचमुच प्रेरणा मिलती है। श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप जैसे आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को एक मंच पर भी लाते हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूं और आने वाले वर्षों में इस टूर्नामेंट को और आगे बढ़ते देखने के लिए उत्साहित हूं।”
श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन के ट्रस्टी गौरव रुंगटा ने कहा कि यह टूर्नामेंट खेल भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गोल्फ के प्रति बढ़ते जुनून और रुचि को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गोल्फ केवल खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और रणनीतिक सोच विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने इस खेल को अधिक लोकप्रिय बनाने और नए खिलाड़ियों को इससे जोड़ने के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि यह टूर्नामेंट हर वर्ष आयोजित किया जाएगा तथा फाउंडेशन उभरते युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और विकास के अवसर उपलब्ध कराकर सहयोग करेगा।
उल्लेखनीय है कि श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2013 में स्व. पी. एम. रुंगटा की स्मृति में की गई थी। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। यह संस्कृत कॉलेजों के संचालन, आदिवासी स्कूलों के सहयोग, मिड-डे मील कार्यक्रमों और नेत्र-चिकित्सा शिविरों के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही फाउंडेशन युवा उभरती प्रतिभाओं को प्रायोजन के माध्यम से भी समर्थन प्रदान करता है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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