राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

अस्पतालों में अनचाहे गर्भ को छुपाने आईं लड़कियों की भीड़, जानलेवा साबित हो रही हैं अबॉर्शन पिल

भोपाल 

 डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की दवाएं लेने का चलन महिलाओं और युवतियों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। हाल ही में बुरहानपुर में दवा दुकान से गर्भपात की दवा लाकर खिलाने से एक गर्भवती छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी हर दिन ऐसी युवतियां व महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी हालत दवा लेने के बाद बिगड़ जाती है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे औसतन करीब आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कई बार गर्भपात अधूरा रह जाता है जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवतियों, महिलाओं के शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे कई मामले जानलेवा साबित होते हैं।

नियमों की अनदेखी, खुलेआम बिक रहीं दवाएं
कलेक्टर की गाइडलाइन के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर कोई सख्ती नहीं है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेची जा रही हैं, यहां तक कि पुरुषों को भी आसानी से उपलब्ध करा दी जाती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भपात एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे तय समय-सीमा और डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। सोनोग्राफी और जरूरी जांच के बाद ही दवा दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अधूरे गर्भपात के कारण अत्यधिक खून बहने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिर जाता है और शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। कई मामलों में जान तक चली जाती है।

कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे

राजधानी के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे कई केस आते हैं। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं या लड़कियां अनचाहे गर्भ को छुपाने खुद ही दवा खरीदकर खा लेती हैं। कई मामलों में गर्भपात अधूरा रह जाता है, जिससे संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। ऐसे में कई युवतियों की हालत गंभीर हो जाती है।

काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति खरे इस मुद्दे पर महिलाओं, युवतियों में जागरूकता की जरूरत जताती हैं। उनका कहना है कि हर दिन ऐसी महिलाएं व युवतियां अस्पताल पहुंच रही हैं, जो अधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया का शिकार हो रही हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्ती और महिलाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है।

प्रमुख बिंदु
महिलाओं को अधूरे गर्भपात से बढ़ रहा खतरा
बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन पिल जानलेवा बनीं
अत्यधिक रक्तस्राव से हो रहा एनिमिया
मेडिकल स्टोर्स में बिना पर्चा बिक रहीं दवाएं

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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