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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे तैयार,275 रुपये टोल, 120 की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां

लखनऊ

 दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे के बाद अब बहुत जल्‍द लखनऊ-कानपुर एक्‍सप्रेसवे का शुभारंभ हो सकता है। करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किलोमीटर लंबे 6 लेन एक्‍सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में है। इसके खुल जाने से लखनऊ के अमौसी से कानपुर के आजाद चौक तक का सफर मात्र 35 से 45 मिनट में संभव हो जाएगा।

जब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे गाड़ियों के लिए खुल जाएगा, तो कार चालकों को 63 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए एक तरफ से 275 रुपये का टोल लगेगा। अगर 24 घंटे में वापसी हो जाती है तो 415 रुपये टोल लगेगा। जो लोग नियमित रूप से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करते हैं, उनके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सालाना पास सेवा का विकल्प दिया जाएगा। इसका शुल्‍क 3,075 रुपये होगा। इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों को फर्राटा भरने की अनुमति नहीं होगी।

हमने कानपुर रिंग रोड पर काम पहले ही तेजी से शुरू कर दिया है। यह रिंग रोड कादर पटारी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इससे गाड़ी मालिकों को अपनी मंजिल तक पहुंचने का एक और विकल्प मिल जाएगा और उन्हें शहर के ट्रैफिक से बिल्कुल भी जूझना नहीं पड़ेगा।

सालाना पास से 200 बार टोल से गुजर सकेंगे वाहन
सालाना पास की मदद से एक वाहन मालिक इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे से 100 बार आना-जाना कर सकेगा। NHAI के अधिकारियों ने बताया कि सालाना पास के ज़रिए, एक वाहन को पास जारी होने के समय से एक साल के अंदर एक टोल प्लाजा से 200 बार गुजरने की अनुमति होती है।

रोजाना सफर करने वालों का लगेगा मात्र 15.30 रुपये टोल
हाईवे अथॉरिटी के कानपुर रीजनल ऑफिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि कई लोग एक्सप्रेसवे की लागत पर सवाल उठा रहे हैं और उन्हें लगता है कि इसके चार्ज बहुत ज्‍यादा है। मैं बताना चाहता हूं सालाना पास एक्सप्रेसवे के साथ-साथ इस इलाके के दूसरे नेशनल हाईवे पर भी काम करेगा। इस पास से लोग एक साल में 200 बार टोल से गुजर सकेंगे या एक ही प्लाजा से 100 बार आना-जाना कर सकेंगे। ऐसे में, रोजाना सफर करने वालों के लिए एक ट्रिप की लागत 275 रुपये के बजाय घटकर 15.30 रुपये हो जाएगी।

120 की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
दूसरी ओर, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अब ट्रैफिक संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि इस छह-लेन वाले स्पीड कॉरिडोर को खोलने की तारीख तय की जा सके। इस कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इस पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से गाड़ियां चल सकें। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 3,700 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसमें से 3,000 करोड़ रुपये सिविल कंस्ट्रक्शन के कामों पर खर्च किए गए हैं, जबकि बाकी रकम निजी जमीन खरीदने पर खर्च हुई है।

दो साल में पूरा होगा कानपुर रिंग रोड का काम
यह एक्सप्रेसवे सरोजिनी नगर के मीरानपुर पिनवट गांव से शुरू होगा और उन्नाव के कादर पटारी गांव में खत्म होगा। यह मौजूदा लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर, जाजमऊ गंगा पुल से 5.5 किलोमीटर आगे स्थित है। कानपुर रिंग रोड को पूरा होने में लगभग दो साल लगेंगे।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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