राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाने से पहले दुकानदार को दिए 10 रुपये, लेकिन जेब से निकले थे इतने नोट

झाड़ग्राम 
झाड़ग्राम की गलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘झालमुड़ी प्रेम’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है. सुरक्षा के कड़े घेरे को तोड़कर जब पीएम मोदी एक साधारण सी दुकान पर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया. अपनी जेब से पैसे निकालने से लेकर दुकानदार के साथ उनकी मजेदार बातचीत ने लोगों का दिल जीत लिया है. पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी रैली करने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखते हुए एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुकने का फैसला किया. वहां पहुंचकर उन्होंने कहा- भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ? कितने का होता है आपका झालमुड़ी? इस पर दुकानदार कहता है- आप जितने का कहेंगे उतना का खिलाएंगे। 

इस पर पीएम मोदी दुकानदार से कहते हैं कि अच्छे वाला कितने का होता है? इस पर दुकानदार कहता है 10, 20 और 30. इस पर पीएम मोदी कहते हैं जो भी है बना दो. इसके बाद पीएम जेब से पैसे निकालते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि उनके जेब से 50 रुपया का एक नोट, 20 रुपया का दो नोट औऱ 10 रुपये का एक नोट निकला. पीएम मोदी उसमें से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दे देते हैं. दुकानदार कहता है आप आए यही काफी है. इस पर मोदी कहते हैं नहीं भाई ऐसा नहीं. इस पर दुकानदार फिर कुछ कहता है और 10 रुपये गल्ले में डाल देता है. फिर दुकानदार कुछ कहता है. इस पर पीएम कहते हैं, ‘दिमाग नहीं खाते भाई’. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी हंसने लगे. पीएम ने न केवल बड़े चाव से बंगाल के इस प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का आनंद लिया. इस दौरान सबलोग उनको देख रहे थे। 

जेब से निकाले 100 रुपये के आसपास, दिए केवल 10
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के बाद प्रधानमंत्री अपनी जेब से तीन-चार नोट निकालते हैं. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि उनकी हाथ में 50 रुपये का एक नोट, 20 रुपये के दो नोट और 10 रुपये का एक नोट था. कुल मिलाकर लगभग 100 रुपये. पीएम ने बड़ी सहजता से उनमें से 10 रुपये का नोट निकाला और दुकानदार को थमा दिया. दुकानदार, जो प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर दंग था, उसने पैसे लेने से मना करते हुए कहा, ‘सर, आप यहां आए यही काफी है। 

‘दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब
जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े। 

बिहार का रहने वाला है दुकानदार
पीएम मोदी ने जिस दुकानदार की दुकान से झालमुरी खाई वो बिहार के गया का रहने वाला है। उसका नाम विक्रम साहो है। उसने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पीएम के साथ हुई बातचीत को साझा किया। उसने बताया कि पीएम मोदी ने उससे उसके बारे में पूछा। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि वो 9वीं पास है। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते वो आगे पढ़ाई नहीं कर पाया।

माता-पिता के बारे में भी पूछा
पीएम मोदी ने विक्रम से उसके माता-पिता के बारे में भी पूछा। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन लोग है। उन्होंने पीएम मोदी को अपने माता पिता का नाम भी बताया। दुकानदार ने बताया कि उनकी माता का नाम सुनीता देवी और पिता का नाम उत्तम साहो है। पीएम मोदी ने पूछा कि आपकी कितनी दुकानें हैं तो उन्होंने बताया कि सिर्फ एक ही दुकान है।
एक बात का रह गया मलाल
दुकानदार विक्रम ने बताया कि उन्होंने एक बात का मलाल है कि वो पीएम मोदी का ऑटोग्राफ नहीं पाया है। उसने बताया कि पीएम ने उनसे राजनीति से जुड़ी कोई बात नहीं की। उन्होंने झालमुरी के पैसे भी दिए। पीएम मोदी ने उसने कहा कि बढ़िया से रहो। मुझे बहुत अच्छा लगा कि पीएम मोदी मेरी दुकान में आए और झालमुरी खाई। 

जनता के बीच बनी चर्चा
यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है। 

कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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