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सागर को सीएम की बड़ी सौगात, 58 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण , बुंदेलखंड से प्रदेश के विकास की नई राह

सागर
 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अप्रैल को सागर जिले के नरयावली को बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 58 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद कर उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका मार्गदर्शन किया। इस मौके पर वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस की तुलना कौरवों से और द्रौपदी चीरहरण की तुलना महिला आरक्षण बिल पास न होने से की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन से की। इस दौरान मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती अद्बभुत है। चंबल की शान, छत्रसाल महाराज के बुंदेलखंड का ये इलाका, हर काल-हर समय में अपने संघर्ष के लिए जाना जाता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यहां एक भव्य-दिव्य भवन विद्यालय के रूप में मिल रहा है। ये विद्यालय नहीं है, बल्कि 5 हजार साल पहले हुई भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का स्मृति स्थल है। भगवान कृष्ण के जीवन की कई लीलाएं हैं। हर लीला ने उनके प्रति हमारी श्रद्धा को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए भगवान ने कदम-कदम पर संघर्ष किया। गरीब और अमीर की दोस्ती का सबसे बड़ा उदाहरण भी भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का उदाहरण है। व्यक्ति कितना भी धनी क्यों न हो जाए, लेकिन उसे अपने निर्धन दोस्त के प्रति प्रेम रखना चाहिए। 

सिंचाई और बिजली पर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के जल संकट को दूर करने के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस योजना से क्षेत्र की एक-एक इंच जमीन सिंचित होगी। साथ ही, किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कड़ान मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 240 करोड़ रुपये की संशोधित राशि की स्वीकृति भी प्रदान की।  

बिना भूमि अधिग्रहण के दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर
समारोह में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने मुख्यमंत्री की नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के लिए लगभग 600 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसमें किसानों की एक इंच भूमि भी प्रभावित नहीं हुई, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं में संतोष का वातावरण है। कड़ान परियोजना पूरी होने पर करीब 30 हजार एकड़ भूमि सिंचित हो सकेगी।

गेहूं खरीदी पर सरकार का संकल्प
किसानों की चिंताओं को दूर करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी वैश्विक कारणों से आए बारदाने के संकट को जल्द सुलझाया जाएगा। प्रदेश में बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र से खरीदी का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों का दाना-दाना सरकार खरीदेगी।

दिग्गजों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, सांसद लता वानखेड़े और सागर संभाग के समस्त विधायक व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

कांग्रेस ने बहनों को नहीं दिया मान-सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यहां बहनें बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हमारी सरकारों ने माताओं-बहनों का सम्मान बढ़ाया है। माता का नाम लो तो भगवान प्रसन्न होते हैं। जब तक राधा नहीं बोलो तो कन्हैया मुस्कुराते नहीं हैं, जब तक सीता मां को याद न करो, तो भगवान राम का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यह बातें हमें माताओं-बहनों के आदर का आभास कराती हैं।उन्होंने कहा कि हमने 5 हजार साल पहले घटना सुनी थी कि कौरवों ने भरे दरबार में द्रौपदी का चीरहरण किया था, उसी तरह अभी कुछ दिन पहले लोकसभा में वो ही नाटक दोहराया गया। उस समय कौरव थे और अब कांग्रेसी हैं। दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहनों को अधिकार देने का जो निर्णय लिया था, कांग्रेसियों ने मुस्कुरा-मुस्कुरा कर उस निर्णय पर पानी फेर दिया।

कांग्रेसियों को इस बात पर जरा दया नहीं आई। प्रधानमंत्री मोदी ने तो यहां तक कहा कि आप श्रेय ले लीजिए, मैं विज्ञापन छपवा दूंगा। तुम लोग जहां बोलोगे वहां हम तुमको श्रेय दे देंगे। आपने कभी बहनों को मान-सम्मान नहीं दिया, लेकिन हम मान-सम्मान देने को तैयार हैं। कांग्रेसी उसी अपनी पुरानी लाइन पर ही चलेंगे। तीन तलाक के मामले में भी राहुल गांधी ने बहनों के भरण-पोषण के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी फैसला ठुकराया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा संगठन महिलाओं को तीस फीसदी आरक्षण दे रहा है। हमारे प्रदेश में 17 बहनें कलेक्टर हैं। सागर की सांसद-महापौर-कलेक्टर सब बहनें हैं। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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