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दिल्ली के उत्तम नगर में फिर हुआ बुलडोजर एक्शन, ट्राइब्यूनल ने खारिज की राहत की अर्जी

नई दिल्ली

 उत्तम नगर की उसी पुनर्वासित कालोनी में  सुबह एक बार फिर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जहां कुछ दिन पहले तरुण नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस बार निगम पूरी कानूनी तैयारी के साथ पहुंचा था। जैसे ही निगम के लिए गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने डिमालिशन पर रोक हटाई, वैसे ही निगम ने उन विवादित इमारतों को गिराना शुरू कर दिया जो कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर बनाई गई थीं।

के अनुसार तरुण की हत्या के कुछ दिन बाद ही जब निगम ने इस मामले में आरोपितों में से एक के घर के अवैध हिस्से पर हथौड़ा चलाया था, तब इस मामले में 13 पक्षकारों ने निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उन्हें 15 दिन की राहत देते हुए ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था।

28 अप्रैल को याचिकाकर्ता ट्रिब्यूनल पहुंचे। 29 अप्रैल हुई सुनवाई में निगम ने दलील दी कि ये निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें खारिज करते हुए स्टे हटा दिया। इसके अगले ही दिन निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी।

निगम पश्चिमी जोन के अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान दो संपत्तियों पर निगम ने हथौड़ा चलाया। इनमें एक संपत्ति वह थी जिसपर तीन प्लाटों को जोड़कर इमारत खड़ी की गई थी। वहीं दूसरी संपत्ति ऐसी थी, जिसपर दो प्लाट को जोड़कर घर बनाया गया था। सुबह जब निगम की टीमें कार्रवाई करने पहुंचीं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी।

इस इलाके में कई आवासीय इकाइयों को आपस में जोड़कर बड़ी इमारतें बना ली गई थीं. एक मामले में तीन घरों को मिलाकर एक ढांचा बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में दो इकाइयों को जोड़ा गया था. इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. अदालत ने उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी थी। 

कोर्ट ने परिवार को एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ताओं ने 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया. 29 अप्रैल को सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने ठोस आधार की कमी की बात कही. इसके बाद स्टे ऑर्डर हटा लिया गया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून, 2026 को होगी। 

क्या था पूरा मामला?
बता दें कि 4 मार्च को दिल्ली के उत्तम नगर स्थित जेजे कॉलोनी, हस्तसाल में होली के दौरान तरुण के परिवार की एक बच्ची ने पानी का गुब्बारा फेंका था. गुब्बारे का पानी पड़ोसी महिला पर गिर गया. इसी बात पर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी. अब उसी मामले के आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा चला है। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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