राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

जापान में खोजा गया असली नोबिता का शहर, यूजर्स की यादें हो गईं ताजा

टोक्यो 

 आप सभी अपने घर में कभी न कभी डोरेमॉन कार्टून तो देखा ही होगा। वही डोरेमॉन जो अपने गैजेट्स के लिए काफी फेमस है और उनसे अपने दोस्त नोबिता की मदद करता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसमें डोरेमॉन के असली शहर को जिसमें स्कूल और बिल्डिंगों को हूबहू वैसा ही दिखाया गया है जैसा वे कार्टून की काल्पनिक दुनिया में हैं। एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने सार्थक सचदेवा ने जापान की लगभग 6,000 किलोमीटर की यात्रा करके ये जगह ढूंढ़ी है। वीडियो में जापान के एक शांत आवासीय इलाके की उनकी यात्रा को दिखाया गया है, जो लोकप्रिय कार्टून के नोबिता और डोरेमोन की दुनिया से काफी मिलता-जुलता है।  

इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो 
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @sarthaksachdevva नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इसमें सार्थक कैमरा अपनी ओर घुमाते हुए उत्साह से कहा कि वह इस घर को देखने के लिए भारत से जापान तक का लंबा सफर तय करके आए हैं। इसके बाद वीडियो में संकरी गलियों, छोटे घरों और शांत सड़कों के मनोरम दृश्य दिखाए गए, जिन्हें देखकर दर्शकों को तुरंत डोरेमॉन के जाने-पहचाने दृश्यों की याद आ गई।मोहल्ले से गुज़रते हुए, सार्थक ने उन बारीकियों की ओर इशारा किया जिन्हें पुराने प्रशंसक तुरंत पहचान गए। एक सड़क की ओर इशारा करते हुए उन्होंने समझाया कि दर्शकों ने नोबिता को श्रृंखला में अनगिनत बार "ठीक इसी सड़क" से स्कूल जाते, दोस्तों से मिलते या खेल के मैदान की ओर भागते हुए देखा है।

हूबहू वैस ही दिखा नजारा 
मोहल्ले का शांत वातावरण, साफ-सुथरी सड़कें और सादगीपूर्ण घर उस सौम्य, रोजमर्रा की सुंदरता को दर्शाते थे जिसने डोरेमॉन को पीढ़ियों से दर्शकों के लिए इतना सुकून भरा बना दिया था। वीडियो के कई दृश्य कार्टून के दृश्यों से हूबहू मिलते-जुलते थे, जिससे यह दौरा पर्यटन की बजाय बचपन की यादों में खो जाने जैसा महसूस हुआ। वीडियो के कैप्शन में लिखा था, "वास्तविक जीवन में डोरेमोन के ठिकाने।" हालांकि डोरेमॉन की कहानी टोक्यो में घटित होती है, लेकिन कई प्रशंसक इसकी दृश्य शैली को श्रृंखला की निर्माता फुजिको एफ. फुजियो से जुड़े वास्तविक जीवन के स्थानों से जोड़ते हैं, जिनका जन्म ताकाओका में हुआ था।

यूजर्स को भी पसंद आया वीडियो 
यह वीडियो स्कूल के बाद डोरेमॉन देखते हुए बड़े हुए लोगों के बीच तेज़ी से ऑनलाइन वायरल हो गया। कई दर्शकों ने माना कि मोहल्ले को असल ज़िंदगी में देखकर वे भावुक हो गए, और कई लोगों ने इसे बचपन का सपना सच होने जैसा बताया। कई लोगों ने कहा कि यह क्लिप उन्हें डोरेमोन के गैजेट्स, नोबिता के कारनामों और उस दुनिया की सादगी भरे एहसास की याद दिलाती है जो आज भी सालों बाद भी बेहद जानी-पहचानी लगती है। एक यूजर ने सिर्फ "रोंगटे खड़े हो गए" लिखा, जबकि दूसरे ने कहा, "सुनहरे दिन।" एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, "डोरेमॉन से जुड़ी हमारी बचपन की भावनाएं," जबकि चौथे व्यक्ति ने कहा, "इस वीडियो ने मेरा दिन बना दिया।"

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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