राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बिहार की जेलों में कैदी चलाएंगे पेट्रोल पंप, सुधार कार्यक्रम में मिलेगा रोजगार

पटना

बिहार की जेलों के कैदी पेट्रोल पंप चलाएंगे। गृह (कारा) विभाग ने इसे लेकर विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। जेल प्रशासन की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे। इन पेट्रोल पंपों के संचालन का दायित्व उस जेल में रहने वाले कैदियों को दिया जाएगा। गृह (कारा) विभाग ने प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद विधि विभाग से भी मंजूरी ली जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद यह लागू होगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद गृह (कारा) विभाग पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पेट्रोल पंप संचालन के लिए समझौता (एमओयू) करेगा। कारा विभाग ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के साथ पहले ही करार करने का निर्णय लिया है। पेट्रोल पंप आवंटन के बाद उसे जेलों की खाली भूमि पर लगाया जाएगा।

सुधार प्रक्रिया से जुड़े कैदी संभालेंगे दायित्व
जेलों में लंबे समय से सजा भुगतने वाले वैसे कैदी जो सुधार प्रक्रिया में शामिल हैं, उन्हें इसके संचालन का दायित्व दिया जाएगा। जेलों में सजायाफ्ता या विचाराधीन खूंखार एवं गंभीर अपराध के आरोपी कैदियों को संचालन का दायित्व नहीं दिया जाएगा। इन पेट्रोल पंपों पर होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा।

59 जेलों में करीब 60 हजार है कैदी
बिहार में आठ केंद्रीय कारागारों समेत कुल 59 जेलों की क्षमता 47,750 है, लेकिन इन जेलों में 61,891 कैदी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जेलों में क्षमता के मुकाबले 30 फीसदी अधिक कैदी हैं। जेलों में उद्यमिता के विकास, योग, ध्यान एवं सुधार के भी कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

कैदियों को पारिश्रमिक मिलेगा
पेट्रोल पंप के संचालन का दायित्व संभालने वाले कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही राशि मिलेगी। वर्तमान में, जेलों में विभिन्न प्रकार के उत्पादन कार्यों में जुड़े कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। जानकारी के अनुसार, बिहार की जेलों में सजायाफ्ता कैदियों को उनके कौशल के आधार पर प्रतिदिन ₹147 से ₹397 रुपए तक का पारिश्रमिक मिलता है। इन्हें 4 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें अकुशल (4 घंटे कार्य) को ₹147 रुपये, अकुशल को ₹294, अर्द्ध कुशल को ₹309 और कुशल कैदियों को ₹397 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button