रिकेश सेन की सराहनीय पहल, अब मात्र 1 रूपये में दिव्यांगों को मिलेंगे 2 लाख के कृत्रिम हाथ-पैर
21 जून 'योग दिवस' के दिन होगी इस योजना की शुरुआत

स्वास्थ्य, सुरक्षा और पोषण के क्षेत्र में पहले से जारी हैं सेवा के कई अनुकरणीय प्रकल्प
भिलाई नगर- वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन के नेतृत्व में जनसेवा और अंत्योदय का एक नया कीर्तिमान स्थापित होने जा रहा है। अपने क्षेत्र की जनता, विशेषकर शोषितों, वंचितों और जरूरतमंदों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और दूरगामी विजन का परिचय देते हुए विधायक रिकेश ने दिव्यांगजनों के सम्मान और सहारे के लिए एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक योजना की घोषणा की है।
आगामी 21 जून 2026 ‘योग दिवस’ के पावन अवसर पर वैशाली नगर विधानसभा में इस महा-अभियान का औपचारिक शुभारंभ होने जा रहा है। इस योजना के तहत, जो कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल हाथ और पैर) बाजार में लगभग 2 लाख रूपये तक की भारी-भरकम लागत में मिलते हैं, वे अब क्षेत्र के जरूरतमंद दिव्यांगजनों को मात्र 1 रूपये की टोकन दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग भाई-बहनों के जीवन में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और मुस्कान वापस लाना है।
मात्र ₹1 में मिल रही हैं अभी ये सुविधाएं
वैशाली नगर विधानसभा में स्वास्थ्य क्रांति के तहत मात्र 1 रूपये की टोकन दर पर एक्स-रे, डायलिसिस, पॉवर वाले चश्मे की सुविधा जारी है।क्षेत्र की जनता के लिए फ्री ब्लड टेस्ट, फिल्टर्ड वाटर (शुद्ध पेयजल) की व्यवस्था है। आगामी 15 जून से मोतियाबिंद के नि:शुल्क ऑपरेशनों की शुरुआत हो रही है।समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए ‘कंबल बैंक’, प्रतिदिन भोजन के लिए ‘राम रसोई’ और माताओं-बहनों की सेहत व सुरक्षा के लिए ‘मां शिशु सुरक्षा कवच’ जैसी योजनाओं का सफल संचालन वैशाली नगर विधानसभा में हो रहा है। बेटियों-महिलाओं के लिए विवाह के दौरान जहां ब्राइडल मेकअप और मेहंदी की कलात्मक व रोजगारपरक सुविधाएं दी जा रही हैं वहीं बेटी के जन्म पर मां शिशु सुरक्षा कवच ट्राली बैग किट भी दिया जा रहा है।
विधायक रिकेश सेन के इस विजन को डिजिटल रूप से जनता तक सुलभ बनाने के लिए ‘जनता कमल सेतु’ माध्यम की शुरुआत की गई है। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए आम नागरिक वॉट्सऐप नंबर 99778 91333 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि राजनीति हमारे लिए सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के आंसू पोंछने का जरिया है। कोई भी दिव्यांग धन के अभाव में बेबस न रहे, यही हमारा संकल्प है। 2 लाख के कृत्रिम अंग मात्र 1 रूपये में जरूरतमंदों को देकर हम उन पर कोई उपकार नहीं कर रहे बल्कि उनके स्वाभिमान को सहेजते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं।वैशाली नगर का हर नागरिक मेरा परिवार है और अपने परिवार की सेहत, सुरक्षा और सम्मान के लिए मेरा यह सेवा रथ कभी नहीं रुकेगा।




