राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

शाला प्रवेशोत्सव से पहले प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकें पहुँचाने के लिए प्रशासन सजग: पावरा

अहमदाबाद

 गुजरात राज्य शाला पाठ्यपुस्तक मंडल के कार्यवाहक अध्यक्ष  मनुभाई पावरा ने कहा है कि मुख्यमंत्री  भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन औरे शिक्षा मंत्री  प्रद्युमन वाजा तथा शिक्षा राज्य मंत्री मती रिवाबा जाडेजा के नेतृत्व में पाठ्यपुस्तक वितरण का कार्य चल रहा है। गुजरात बोर्ड से संबद्ध प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तक के सभी माध्यमों की पाठ्यपुस्तकों को निर्धारित समयसीमा में विद्यार्थियों तक पहुँचाने के लिए मंडल द्वारा युद्धस्तर पर एवं सुदृढ़ आयोजन के साथ कार्य शुरू किया गया है।

 मनुभाई ने अधिक विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि चालू शैक्षणिक वर्ष में विद्यार्थियों के हित में कुछ नूतन विषयों को जोड़कर पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया समय पर प्रारंभ कर दी गई थी, लेकिन कुछ अनिवार्य न्यायिक प्रक्रियाओं – कोर्ट केस तथा ईरान सहित अन्य देशों के बीच उत्पन्न हुई वैश्विक युद्ध की विषम स्थिति के कारण कागज के आयात में लगभग ढाई से तीन महीनों का आकस्मिक विलंब हुआ था। हालाँकि; मंडल की समग्र टीम सभी अंतरराष्ट्रीय एवं कानूनी अवरोधों को पार कर विद्यार्थियों का शैक्षणिक कार्य जरा भी प्रभावित न हो; इसके लिए हाल में दिन-रात पुरजोर तरीके से प्रिंटिंग कार्य कर रही है। अध्यक्ष  पावरा ने राज्य के नागरिकों तथा अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि इन सभी आकस्मिक वैश्विक चुनौतियों के बावजूद पुस्तकों के मूल्य में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की गई है और अभिभावकों पर एक भी रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने नहीं दिया जाएगा।

पुस्तक वितरण की वर्तमान स्थिति तथा आगामी सुदृढ़ आयोजन की रूपरेखा देते हुए अध्यक्ष  मनुभाई ने जोड़ा कि राज्य के निजी एवं नॉन-ग्रांटेड विद्यालयों के लिए शुल्कयुक्त पुस्तकें वितरकों तक समय पर पहुँचा दी गई हैं, जो वर्तमान में विद्यार्थियों को उपलब्ध भी हो चुकी हैं, जबकि सरकारी प्राथमिक विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को आगामी 'शाला प्रवेशोत्सव' से पूर्व ही सभी पाठ्यपुस्तकें तहसील स्तर तक पूर्ण रूप से निःशुल्क मिल जाएँ; ऐसी माइक्रो-प्लानिंग प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त; सरकारी तथा ग्रांटेड माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी पुस्तकें अत्यंत तेजी से पहुँचाने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियाँ तत्परता से कार्य कर रही हैं।

अभिभावकों और विद्यार्थियों को पूर्ण रूप से आश्वस्त करते हुए अध्यक्ष  मनुभाई ने कहा कि भौगोलिक चुनौतियों अथवा सुदूरवर्ती-रिमोट क्षेत्रों में आकस्मिक परिस्थितिवश यदि भौतिक रूप से (फिजिकली) पुस्तक पहुँचने में थोड़ा भी विलंब हो, तो भी विद्यार्थियों का शैक्षणिक कार्य कहीं अवरुद्ध न हो; इसके लिए मंडल ने अत्याधुनिक 'डिजिटल बैकअप' की अग्रिम व्यवस्था की है। मंडल की आधिकारिक वेबसाइट 
https://gsstb.gujarat.gov.in/gsstb/Textbook पर सभी माध्यमों की पाठ्यपुस्तकें डिजिटल रूप में – ई-पुस्तकों (e-Books) के रूप में अपलोड कर दी गई हैं।

शैक्षणिक सत्र के प्रारंभिक चरण में शिक्षक तथा विद्यार्थी बिना किसी कठिनाई के वेबसाइट से सीधे ही प्रकरणों को डाउनलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही; शिक्षक भी इनका संदर्भ के रूप में उपयोग कर बच्चों को पढ़ा सकेंगे। पाठ्यपुस्तक मंडल के अध्यक्ष  मनुभाई पावरा ने कहा कि राज्य सरकार तथा पाठ्यपुस्तक मंडल हर विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य और शैक्षणिक हित के प्रति अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर है और किसी भी विषम स्थिति में भी अंतिम छोर के बच्चे तक शिक्षा की सुविधा पहुँचाने के लिए हम कटिबद्ध हैं।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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