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पैरामाउंट-वार्नर ब्रदर्स डील को अमेरिकी न्याय विभाग से मंजूरी, जांच बंद

 यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने पैरामाउंट स्काईडांस की तरफ से वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने के प्रपोजल की जांच की है। जांच में पाया गया है कि मीडिया कंपनियों के मर्जर से इंडस्ट्री में कंज्यूमर्स को नुकसान होने की संभावना नहीं है।

एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि उसने इस डील की जांच बंद कर दी है। इसके एंटीट्रस्ट डिवीजन के रेगुलेटर्स ने निष्कर्ष निकाला कि मर्जर का असर 'मीडिया और एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम में कंपटीशन बढ़ाने वाला होगा, जिससे अमेरिकी कंज्यूमर्स और वर्कर्स को फायदा होगा।'

साल के शुरुआत में हुई थी डील
पैरामाउंट स्काईडांस ने फरवरी के आखिर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की डील की थी। पैरामाउंट को यह सफलता महीनों की बातचीत और नेटफ्लिक्स की एक बोली के बाद मिली। पैरामाउंट को पिछले साल स्काईडांस ने खरीदा था।

कंज्यूमर्स को मिलेगा ज्यादा कंटेंट
कंपनियों का तर्क है कि मर्जर इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए अच्छा होगा और कंज्यूमर्स को ज्यादा कंटेंट मिलेगा। मगर आलोचकों ने इस बात पर चिंता जताई है कि ऐसी इंडस्ट्री में और ज्यादा समेकन का क्या मतलब हो सकता है, जिस पर पहले से ही कुछ बड़ी कंपनियों का कब्जा है।

मर्जर से बढ़ेगा कॉम्पिटिशन
मर्जर से मार्केट पर संभावित असर के बारे में रेगुलेटर्स ने इस बात पर भी विचार किया कि क्या इस डील से वीडियो स्ट्रीमिंग में कॉम्पिटिशन को नुकसान होगा। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि मर्जर से कॉम्पिटिशन बढ़ने की संभावना है क्योंकि यह कस्टमर्स को बड़े वीडियो स्ट्रीमिंग विकल्पों के मुकाबले एक मजबूत विकल्प देगा।

कंज्यूमर का ध्यान खींचते हैं यूट्यूब और टिक टॉक
एजेंसी ने यह भी पाया कि यूट्यूब, टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया पोर्टल, जो वीडियो स्ट्रीमिंग कंटेंट भी देते हैं, वह अच्छी तरह से स्थापित एंटीट्रस्ट कानूनी मिसालों के तहत यहां कॉम्पिटिटिव विकल्प नहीं लगते हैं, हालांकि वे कंज्यूमर का ध्यान खींचने के लिए बड़े पैमाने पर कॉम्पिटिशन करते हैं।

रेगुलेटर्स ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि मर्जर से तथाकथित लीनियर टेलीविजन के लिए कॉम्पिटिशन को नुकसान होने की संभावना नहीं है, क्योंकि लाइव प्रोग्रामिंग के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है।

मर्जर के विरोध में हैं कई लोग
हजारों एक्टर्स, डायरेक्टर्स, राइटर्स और इंडस्ट्री के अन्य प्रोफेशनल्स ने पैरामाउंट डील का विरोध किया है। उनका तर्क है कि और ज्यादा समेकन से नौकरियां जाएंगी और फिल्ममेकर्स और फिल्म देखने वालों के लिए विकल्प कम हो जाएंगे। कई सांसदों ने भी इसी तरह चिंता जताई है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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