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उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रैपिड रेल से बदली तस्वीर

 लखनऊ
उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में विकास और आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है. राज्य अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की टॉप इकोनॉमी में शामिल हो चुका है. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन और तेज़ी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती दी है.

ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन से बढ़ा आर्थिक लाभ
राज्य में ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन शुरू हो चुका है और अनुमान है कि हर साल लगभग 150 मिसाइलों के निर्माण से यूपी को करीब 135 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से बड़ा लाभ मिल रहा है. यह मॉडल दिखाता है कि उत्पादन सीधे न सही, लेकिन टैक्स और आर्थिक गतिविधियों के जरिए राज्य की आय में वृद्धि हो रही है.

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में बड़े निवेश
उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए छह प्रमुख नोड बनाए गए हैं—लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट. शुरुआत में 20 से 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान था, लेकिन अब तक लगभग 5,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं. इनमें से कई नोड पर उत्पादन भी शुरू हो चुका है, जिससे राज्य में रक्षा क्षेत्र को नई गति मिली है.

यूपी की आर्थिक स्थिति में ऐतिहासिक सुधार
पिछले 9 वर्षों में यूपी ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एक लंबा विकास सफर तय किया है. राज्य अब पिछड़े राज्यों की श्रेणी में नहीं आता और देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. किसी भी केंद्रीय योजना में यूपी या तो पहले या दूसरे स्थान पर रहता है, जो इसकी बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाता है. राज्य में निवेश का स्तर 50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना बताई जा रही है.

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में रिकॉर्ड प्रगति
यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है. पहले जहां राज्य में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, वहीं अब भारत के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60% हिस्सा यूपी में है. राज्य में 4 लाख किलोमीटर लंबा रोड नेटवर्क विकसित किया गया है, जिससे हर जिला मुख्यालय को फोर-लेन सड़क से जोड़ा गया है.

कनेक्टिविटी और परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव
यूपी की कनेक्टिविटी अब नेपाल सहित बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे राज्यों से मजबूत हो चुकी है. राज्य में 16,000 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क मौजूद है. देश के 20 शहरों में चल रही मेट्रो सेवाओं में से 7 शहर अकेले यूपी के हैं. इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल भी संचालित हो रही है.

नए प्रोजेक्ट्स और भविष्य की योजनाएं
उत्तर प्रदेश देश का पहला इनलैंड वाटरवे भी संचालित कर रहा है, जो वाराणसी से हल्दिया तक फैला है. इसके अलावा वाराणसी में देश की पहली सिटी रोपवे परियोजना भी जल्द शुरू होने जा रही है, जिसे प्रधानमंत्री के कर-कमलों से लॉन्च किए जाने की संभावना है.

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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