खेल जगत

दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद बढ़ा रोमांच, भारत के लिए हर मैच बना करो या मरो

नई दिल्ली
महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की शुरुआत किसी सपने जैसी हुई थी. पहले पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को हराकर हरमनप्रीत कौर की टीम ने सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए थे… लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की हार ने पूरे समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है. अब हालात ऐसे हैं कि ग्रुप-ए में भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी टीम बाहर हो सकती है.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में हार सिर्फ दो अंक गंवाने की कहानी नहीं थी, बल्कि इसने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है. अब टीम इंडिया के लिए हर रन और हर विकेट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि टूर्नामेंट का फैसला नेट रन रेट तक पहुंच सकता है.

भारत के सामने क्या है रास्ता?
भारत ने तीन मैचों में दो जीत के साथ चार अंक जुटाए हैं और उसका नेट रन रेट +2.511 है, जो फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है. टीम को अभी बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है.

कागज पर बांग्लादेश के खिलाफ भारत को फेवरेट माना जा रहा है. अगर टीम इंडिया यह मैच जीत लेती है तो उसके छह अंक हो जाएंगे. लेकिन असली परीक्षा 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी. अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का हो जाएगा.

लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिलती है और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत जाता है, तो भारत के लिए खतरे की घंटी बज सकती है. ऐसे में तीनों बड़ी टीमें आठ-आठ अंकों पर पहुंच सकती हैं और फैसला नेट रन रेट करेगा.

अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं
दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए समीकरण काफी साफ है- अगले दोनों मैच जीत लो और किसी गणित की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत भारत के नेट रन रेट को और मजबूत कर सकती है, जो आगे चलकर जीवनदान साबित हो सकता है.

हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए अब सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो गई है.

दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें भी जिंदा
लॉरा वोलवार्ट  की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हार के साथ की थी, जिससे उसका नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ. फिलहाल उसका नेट रन रेट -0.546 है.

हालांकि भारत पर जीत ने उसकी उम्मीदों को नई जान दे दी है. दक्षिण अफ्रीका के सामने अब नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं. अगर वह दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो आठ अंकों तक पहुंच सकता है. लेकिन उसके लिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बड़े अंतर की जीत भी जरूरी होगी ताकि नेट रन रेट सुधर सके.

ऑस्ट्रेलिया सबसे मजबूत स्थिति में
ग्रुप-ए में सबसे आरामदायक स्थिति ऑस्ट्रेलिया की है. टीम लगातार तीन जीत के साथ छह अंक जुटा चुकी है और उसका नेट रन रेट +4.391 है. यही वजह है कि कंगारू टीम फिलहाल सेमीफाइनल की सबसे बड़ी दावेदार नजर आ रही है.

हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी दो मैचों में लड़खड़ा जाती है, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. ऐसे में 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला मुकाबला ग्रुप-ए का 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' बन सकता है.

सेमीफाइनल की चाबी किसके हाथ?
फिलहाल तस्वीर साफ है- भारत की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथ में है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने सुरक्षा कवच छीन लिया है. अब हरमनप्रीत एंड कंपनी को सिर्फ जीत नहीं, दमदार जीत चाहिए.

28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत सिर्फ एक लीग मैच नहीं होगी. यह मुकाबला तय कर सकता है कि महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सपना आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा. फिलहाल करोड़ों भारतीय फैन्स की नजरें उसी मैच पर टिक गई हैं.

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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