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जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प और सुरक्षा बलों के शौर्य से बस्तर में लौटी शांति और विकास की नई रोशनी  – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, 
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़  विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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