छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा हर वर्ष की भांति 1 जुलाई को मनायेगा शहीद दिवस

भिलाई-भिलाई, कुम्हारी जिला दुर्ग, उरला जिला रायपुर तथा टेडेसरा जिला राजनांदगांव आदि जगहों के मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, उसे कुचलने भाजपा की सरकार द्वारा पावर हाऊस में 1 जुलाई 1992 को गोली चालन कराया गया, जिसमें 17 मजदूर शहीद हुए थेI उनकी याद में प्रतिवर्षानुसार शहीद दिवस छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा समन्वय समिति के नेतृत्व में 1 जुलाई 2026, दिन बुधवार को, भिलाई पावर हाउस में आयोजित किया गया हैI उसके लिए मोर्चा के मजदूर किसान व समर्थकगण पावर हाउस के पास छावनी के लाल मैदान में सुबह 09:00 बजे से एकत्रित होंगे, वहां से शहीद परिवारों को लेकर गोलीकांड घटना स्थल रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक में करीब 11:30 बजे पहुंचेंगेI वहां शहीदों के छायाचित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात् पावर हाउस से रैली प्रारंभ होगीI रैली छावनी चौक से होकर शहीद शंकर गुहा नियोगी चौक पहुंचेंगी, वहां नियोगी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी।सभा को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा समन्वय समिति, के वरिष्ठ नेताओं के अलावा छत्तीसगढ़ के जनसंगठनों के अनेक प्रतिनिधि तथा अन्य प्रांत के प्रतिनिधि भी संबोधित करेंगे ।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के समन्वय समिति के भीमराव बागडे और जनकलाल ठाकुर ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मीडिया के माध्यम से फैलाया गया कि मजदूरों को 20 हजार, 22 हजार, 24 हजार न्यूनतम वेतन की दर से भुगतान किया जाएगा किन्तु हकीकत यह है कि, मजदूरों को 15 हजार रू. भी नहीं मिल रहा हैIजीवन यापन करना कठीन हो गया है क्योंकि महंगाई बढ़ गई है, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार का न्यूनतम वेतन एक समान किया जाए।उन्होंने काकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा की देश के युवाओं का भविष्य खतरे में हैIपेपर लीक करने वाले तथा मंदिरों में चोरी करने वाले सत्ता के करीबी लोग हैंI इसकेलिए युवाओं को संविधान के दायरे में रहकर संघर्ष करना होगा ।
उन्होंने यह भी कहा की भिलाई स्पात संयंत्र में परमानेन्ट कर्मचारीयों के अलावा 20 हजार से अधिक ठेका श्रमिक है उन्हें बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन की दर 674 रू से प्रतिमाह 17,524 रू भुगतान किया जा रहा हैI जिसमे से ठेकेदार त्रिलोकी सिंग (जी.आर. इंटरप्राईजेस) द्वारा प्रत्येक श्रमिक से प्रतिमाह 5 हजार 6 हजार, रू. वापस मांगा जा रहा है, नहीं देने पर काम से हटाने की धमकी दी जा रही हैI इस संबंध में यूनियन के माध्यम से पुलिस में रिपोर्ट करने के अलावा श्रम प्रावधानों का पालन कराने केन्द्रीय उपश्रमायुक्त रायपुर में भी शिकायत की गयी हैंIअभी तक लगभग 65 मजदूरों द्वारा शिकायत कि गयी हैI
इसी तरह श्रमिक खिलेश्वर साहू बी.एस.पी. में कार्य के दौरान दुर्घटना का शिकार हुआ थाIईलाज के दौरान उसकी हाथ की उंगली काटनी पड़ गई,उसका मुआवजा व पेंशन के लिए दुर्ग के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग में शिकायत की गयी हैIउस शिकायत को वापस लेने पिछले 3 दिनों से बी.एस.पी. के अधिकारी व ठेकेदार उस मजदूर पर दबाव डाल रहें हैI इस तरह प्रमुख नियोजक बी.एस.पी. तथा ठेकेदार द्वारा कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा हैI उन्होंने कहा कि संबंधित कानूनों का पालन कराने वाले अधिकारियों द्वारा नियमानुसार ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही की जावे ।
उन्होंने यह भी कहा कि छ.ग. सरकार के श्रम विभाग में अधिकारियों के पद खाली हैं,श्रमिकों के हित में उन पदों को भरा जाना चाहिएI उन्होंने कहा कि मजदूरों को अपने अधिकारों को पाने एकजुटता के साथ ट्रेड यूनियन के साथ जुड़े रहकर संघर्ष करना होगा।उन्होंने मांग की श्रम विभाग को उद्योगों में अनियमिताओ कि जांच का अधिकार दिया जायेI




