राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

डीजीपी कैलाश मकवाणा से यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटिव शोको इशिकावा ने की सौजन्‍य भेंट

भोपाल 

महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिल रही है। इसी क्रम में आज पुलिस मुख्यालय, भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटिव सु शोको इशिकावा ने सौजन्‍य भेंट की। इस अवसर पर महिला सुरक्षा, जेंडर समानता, सामुदायिक पुलिसिंग, साइबर अपराधों की रोकथाम, नशा मुक्ति, बालिकाओं की सुरक्षा तथा पुलिस-समुदाय सहभागिता को सुदृढ़ बनाने जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर यूएन विमन इंडिया की डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव सु कांता सिंह और स्टेट रिप्रेजेंटेटिव सु जोयात्री रे, पीएसओ टू डीजीपी डॉ विनीत कपूर तथा एसओ टू डीजीपी  मलय जैन उपस्थित थे।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बालिका सुरक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न अभियानों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ समाज में विश्वास, सहभागिता एवं सुरक्षा का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को निरंतर सशक्त बना रही है।

उन्‍होंने कहा कि महिला, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा बहुआयामी अभियान संचालित किए जा रहे हैं। ऑपरेशन मुस्कान एवं विशेष ऑपरेशन मुस्‍कान के माध्यम से गुमशुदा बच्चों एवं बालिकाओं का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। वहीं 'सृजन' अभियान के अंतर्गत बालक-बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता एवं सशक्तिकरण से जोड़कर उन्हें आत्मविश्वासी बनाने के साथ-साथ बाल विवाह, बाल हिंसा, मानव तस्करी तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक संरक्षण एवं सशक्तिकरण का भी प्रभावी मॉडल विकसित कर रही है।

बैठक में महिलाओं के लिए सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण, सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण के निर्माण, पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा महिला सहभागिता आधारित सामुदायिक पहलों को और सुदृढ़ करने के विभिन्न आयामों पर विचार साझा किए गए।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस महिला एवं बालिका सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील, उत्तरदायी एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं एवं नागरिक संगठनों के सहयोग से महिला सुरक्षा एवं लैंगिक समानता के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रदेशव्यापी "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल युग में महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे नागरिक डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग कर सकें।

उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस के "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान की भी जानकारी साझा की। इस अभियान के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों एवं समुदाय को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अभियान में पुलिस के साथ शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यूएन विमेन इंडिया की कंट्री रिप्रेजेंटिव सु शोको इशिकावा ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों की सराहना की। उन्होंने शक्ति कैफे जैसी पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता आधारित पहल, थानों में महिलाओं के लिए विकसित संवेदनशील एवं सहयोगात्मक वातावरण तथा जेंडर-संवेदनशील पुलिसिंग के लिए अपनाए गए मध्यप्रदेश पुलिस मॉडल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में जेंडर-संवेदनशील पुलिसिंग को प्रशिक्षण का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना आवश्यक है, जिससे नागरिक-केंद्रित और अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button