राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

महादेव ऐप केस का भोपाल कनेक्शन, टिकटों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप; आहूजा बंधुओं पर लुकआउट सर्कुलर जारी

भोपाल
 देश के बहुचर्चित महादेव बेटिंग ऐप मामले में भोपाल कनेक्शन एक बार फिर सामने आया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में भोपाल के दो भाइयों विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ चार्जशीट पेश की है. दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है. हालांकि इस पूरे मामले में सीबीआई ने कुल 11 चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें 6 चार्जशीट महादेव ऐप से जुड़े करप्शन और बची 5 चार्जशीट सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मामले में की है। 

भोपाल के 2 भाईयों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
देश का चर्चित महादेव बेटिंग ऐप मामले में भोपाल के दो भाइयों पर सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है. इसके साथ ही उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा राजधानी भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में संचालित एक ट्रेवल्स के संचालक हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों को महादेव बेटिंग ऐप के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर का राइट हैंड माना जाता है. जांच में दोनों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 

CBI ने लुकआउट सर्कुलर भी कराया जारी, किया जा सके गिरफ्तार
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी आहूजा बंधुओं के ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है. बताया जाता है कि ईडी की कार्रवाई के बाद दोनों भाई देश छोड़कर विदेश फरार हो गए थे. इसके बाद से जांच एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं. अब सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो गई है. एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कराया है, ताकि देश लौटने या किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। 

महादेव ऐप अवैध ऑनलाइन सट्टे का सिंडिकेट
बताया जा रहा है कि जांच में यह सामने आया है कि महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का सिंडिकेट है. इसका संचालन विदेश से किया जा रहा था. मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों तक इस नेटवर्क को पहुंचाया. सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार किया जा चुका है। 

देश का सबसे बड़ा सट्‌टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
जांच में सामने आया है कि महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों तक इस नेटवर्क का विस्तार किया।

देशभर में अलग-अलग बेटिंग पैनल संचालित कर अवैध कमाई की जाती थी, जिसे फर्जी बैंक खातों और अन्य माध्यमों से विदेश भेजा जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों को संरक्षण राशि (प्रोटेक्शन मनी) के रूप में दिया जाता था।

प्रमोटर और सहयोगी पश्चिम एशियाई देशों में बसे
सीबीआई ने बताया कि महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी वर्षों पहले पश्चिम एशियाई देशों में भाग गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। मुख्य चार आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। साथ ही उन्हें फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण की जांच
जांच एजेंसी का कहना है कि सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क, राजनीतिक और नौकरशाही संरक्षण तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी चार्जशीट दाखिल की जाएंगी।

चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामला
गौरतलब है कि महादेव बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों में से एक है. इस मामले में करोड़ों रुपए के अवैध लेनदेन, हवाला नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित सट्टेबाजी सिंडिकेट की जांच सीबीआई और ईडी सहित कई केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं. भोपाल के आहूजा बंधुओं का नाम सामने आने के बाद मध्य प्रदेश से जुड़े इस नेटवर्क की जांच भी और गहन हो गई है। 

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button