वैशाली नगर में अवैध प्लाटिंग पर विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विधायक रिकेश सेन ने उठाए सवाल
बिना अनुमति कॉलोनियों से जनता को करोड़ों का नुकसान, खरीदारों के सपने हो रहे चकनाचूर

भिलाई नगर- वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों का मुद्दा विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। विधायक रिकेश सेन ने प्रश्न के माध्यम से सरकार से पूछा कि वर्ष 2024 से 17 जून 2026 तक नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और कृषि भूमि का बिना अनुमति डायवर्सन कर बनाई जा रही कॉलोनियों पर क्या कार्रवाई की गई, कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, किन-किन खसरा नंबरों पर रोक लगाई गई तथा दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए।
सरकार की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में 37 अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। वहीं 255 खसरा नंबरों की 35.897 हेक्टेयर भूमि के विक्रय एवं पंजीयन पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर और उप-पंजीयक को पत्र भेजा गया है। साथ ही 6 अवैध प्लाटिंगकर्ताओं के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया गया है तथा अन्य मामलों में भी कार्रवाई जारी है।
अवैध प्लाटिंग से सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि अवैध प्लाटिंग केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के जीवनभर की कमाई को दांव पर लगाने वाला अपराध है। लोग अपनी मेहनत की पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि कॉलोनी वैध नहीं है। ऐसे में उन्हें न सड़क मिलती है, न बिजली, न पानी, न नाली और न ही भवन निर्माण की अनुमति।
उन्होंने कहा कि कई परिवार घर बनाने का सपना लेकर प्लॉट खरीदते हैं, लेकिन अवैध कॉलोनी घोषित होने के बाद वर्षों तक अपने ही प्लॉट पर निर्माण नहीं कर पाते। बैंक लोन नहीं मिलता, रजिस्ट्री और नक्शा संबंधी परेशानियां अलग होती हैं। सबसे अधिक नुकसान उन आम नागरिकों को उठाना पड़ता है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत लगाई होती है।
जनहित में सख्त कार्रवाई की जरूरत
विधायक ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाकर स्पष्ट किया कि अवैध प्लाटिंग करने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ ऐसे मामलों की समय पर रोकथाम जरूरी है, ताकि आम जनता ठगी और भविष्य की कानूनी परेशानियों से बच सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।




