राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

देशभर में 15 से 30 जुलाई तक चलेगा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान

भोपाल 

प्रदेश को नशामुक्त बनाने और विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ 14 जुलाई को माननीय मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा  किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में संचालित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत आज प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें स्कूल-कॉलेज एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों, ग्राम/नगर सुरक्षा समितियों के सदस्यों, एनसीसी,एन.एस.एस., स्काउट गाइड, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की सहभागिता सेवृहद रैली, ड्रग अवेयरनेस रन तथा नशामुक्ति की शपथदिलाई जा रही है। मीडिया के माध्यम से भी नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्त समाज के महत्व के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता की जा रही है।

मादक पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ परिवार और समाज के सामाजिक एवं आर्थिक ताने-बाने पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसी चुनौती से प्रभावी रूप से निपटने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारानशे के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ जनसहभागिता आधारित व्यापक जागरूकता अभियानसंचालित किया जा रहा है।

विभिन्न विभागों, संस्थाओं और संगठनों की सक्रिय सहभागिता

अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाने मेंउच्च शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य शासकीय विभागोंकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इसके साथ ही एनजीओ, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा नागरिक समाज की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेससहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा भी अभियान में सहयोग किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षितमास्टर वॉलेंटियर्सनागरिकों एवं विद्यार्थियों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे।कला पथक दलद्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत एवं अन्य रचनात्मक माध्यमों से भी जन-जागरूकता फैलाई जाएगी।

इसके अतिरिक्त Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञों का सहयोग भी नशामुक्ति के क्षेत्र में लिया जाएगा। शिक्षा विभाग के “युवा संगम”अंतर्गत “प्रहरी क्लब/ओजस क्लब”एवं “उमंग मॉड्यूल”के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के “Manhit App” के माध्यम से नशे से पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

आज से प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के दौरान प्रदेशभर में प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्थानीय रेडियो एवं एफएम चैनलों के माध्यम से नशामुक्ति संदेशों का प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग एवं पंपलेट के माध्यम से प्रचार, प्रिंट मीडिया तथा बस अड्डों, प्रमुख चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से जागरूकता वीडियो का प्रसारण शामिल है।

सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम के माध्यम से भी नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #नशे_से_दूरी_ है_जरूरी, #SayNoToDrugs, #NashamuktMP सहित विभिन्न हैशटैग के माध्यम से व्यापक जनसंदेश प्रसारित किए जाएंगे।

अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जन-जागरूकता कार्यक्रम स्थल पर “सेल्फी पॉइंट”बनाए जाएंगे। साथ ही कैप, रिस्ट बैंड, बैज, पोस्टर एवं बैनर जैसी प्रचार सामग्री का वितरण भी किया जाएगा।

प्रदेश के सभी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों एवं कॉलेजों के छात्रावासों में “छात्रावास नशामुक्ति समितियों”का गठन किया जाएगा। मेडिकल एवं तकनीकी कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से नशामुक्ति विषय पर पोस्टर, शॉर्ट मूवी एवं जागरूकता संदेश भी तैयार कर प्रसारित किए जाएंगे।

15 से 30 जुलाई तक निर्धारित कार्यक्रम

अभियान के दौरान विभिन्न दिवसों पर स्कूल-कॉलेजों में रील्स एवं शॉर्ट फिल्म, व्याख्यान, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, नशामुक्ति पुनर्वास केंद्रों की जानकारी, सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं, नशा छोड़ चुके व्यक्तियों की प्रेरणादायी कहानियों का प्रसारण, बसों एवं सार्वजनिक परिवहन साधनों पर जागरूकता संदेशों का प्रचार, ग्राम/नगर सुरक्षा समितियों को शपथ, महिला एवं बाल विकास विभाग के शौर्य दल एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सहभागिता, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद, छात्रावासों, धार्मिक संस्थानों, जेलों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अंतरविभागीय जन-जागरूकता कार्यक्रम, खिलाड़ियों के बीच जागरूकता गतिविधियां तथा 30 जुलाई को जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, ग्राम/नगर सुरक्षा समितियों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं की सहभागिता से समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

नशे से संबंधित शिकायत और परामर्श के लिए हेल्पलाइन

नशीली दवाओं की तस्करी , अवैध बिक्री, खरीद, भंडारण, निर्माण एवं मादक पदार्थों की अवैध खेती से संबंधित शिकायतों तथा नशामुक्ति संबंधी परामर्श के लिएराष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 एवं 14446 का व्यापक प्रचार किया जा रहा है। इसके साथ ही NCB MANAS पोर्टलके माध्यम से भी नागरिक जानकारी एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस का यह अभियान नशे के विरुद्ध केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्किसमाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण का संगठित प्रयासहै। पुलिस विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अभियान से जुड़ें, नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाएं और “नशे से दूरी है जरूरी”के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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