राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बिहार में शुरू होगा AI युग, दो कंपनियों से सरकार ने किया बड़ा करार

पटना
बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नवाचार को नई गति देने के लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग ने सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) तथा भारत जीपीटी के बीच करार किया। सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में इसकी प्रक्रिया पूरी की गई। दिल्ली में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी गूगल के प्रतिनिधि से बात की। उन्होंने कहा कि गूगल द्वारा प्रस्तुत तकनीकी मॉडल एवं डिजिटल समाधान का विभाग विस्तार से अध्ययन करेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में हर नागरिक और सरकारी अधिकारी के लिए एआई की पहुंच सुलभ एवं आसान होगी तथा एआई के बेहतर उपयोग और विकास के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद मिलेगी। बिहार की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी एआई मॉडल तैयार किया जाएगा। सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल एवं नागरिक केंद्रित बनाने के लिए समाधान विकसित किए जाएंगे।

रोजगार सृजन होगा
सीएम सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस करार को डिजिटल और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सीएम ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर एआई कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के कार्यक्रम संचालित होंगे। जिससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत आदि मौजूद थे।

रिसर्च क्षमता बढ़ेगी
सरकार का मानना है कि दोनों संस्थानों से करार से भारत में बने बुनियादी एआई मॉडल्स और एप्लिकेशन्स तक राज्य के विभागों की पहुंच होगी। शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अपनी एआई रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने में सहूलियत होगी। स्थानीय भाषाओं में स्थानीय समस्याओं का समाधान खोजना आसान होगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एक स्थानीय भागीदार इकोसिस्टम तैयार हो सकेगा।

किसानों को डिजिटल सहयोग करेगा गूगल
बिहार के किसानों के लिए बीज से बाजार तक डिजिटल व्यवस्था में गूगल सहयोग देगा। इसके लिए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को दिल्ली में गूगल के गवर्नमेंट बिजनेस हेड आशीष वट्टल और उनकी टीम के साथ बैठक की।

कृषि मंत्री ने कहा कि गूगल द्वारा प्रस्तुत तकनीकी मॉडल एवं डिजिटल समाधान का विभाग विस्तार से अध्ययन करेगा। विभाग अपनी आवश्यकताओं का समुचित आकलन कर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। कृषि मंत्री ने बताया कि गूगल के अधिकारियों के साथ कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, फार्मर आईडी और किसानों को बीज से बाजार तक तकनीक आधारित सेवा उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। फार्मर आईडी केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि किसान का डिजिटल कृषि अभिलेख होगा। किसान को मिलने वाली उर्वरक एवं कीटनाशी की उपलब्धता, विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त सब्सिडी, कृषि उपज की खरीद सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेंगी।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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