राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

लखनऊ में नकली दवाओं का बड़ा खुलासा, 4.37 लाख की 2157 बोतलें बरामद

 लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। बक्शी का तालाब (बीकेटी) पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने किसान पथ से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर तैयार की गई 2157 बोतल संदिग्ध और नकली दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से प्रदेशभर में नकली और अधोमानक दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 16 जुलाई को मिली गोपनीय सूचना पर बीकेटी पुलिस ने किसान पथ स्थित मामपुर खड़ंजा मार्ग पर एक ओमनी वैन (यूपी-32 बीडब्ल्यू-7091) को रोककर तलाशी ली। वैन से बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं, लेकिन चालक कोई वैध औषधि लाइसेंस या बिल-वाउचर नहीं दिखा सका। इसके बाद मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर विवेक कुमार सिंह, संदेश मौर्य, राहुल कुमार और अनीता कुरील ने दवाओं की जांच की। टीम ने रुबीरेड 200 एमएल की 246 बोतल, अल्कासोल शुगर फ्री 100 एमएल की 1063 बोतल और म्यूकेन जेल 200 एमएल की 848 बोतल बरामद कीं — यानी कुल मिलाकर 2157 बोतल जब्त की गईं। बारिश के कारण सभी दवाओं को 13 प्लास्टिक की बोरियों में सील कर सुरक्षित रखा गया।

जांच में सामने आया फर्जी लेबल का मामला
जांच के दौरान अल्कासोल शुगर फ्री की बोतलों के लेबल, कैप, प्रिंटिंग, लोगो और अन्य सुरक्षा चिह्न कंपनी के असली कंट्रोल सैंपल से अलग पाए गए। इस आधार पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने इसे स्प्यूरियस (नकली) दवा करार दिया। इसके अलावा म्यूकेन जेल के लेबल में भी कई गंभीर खामियां पाई गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य दवाओं के नमूने भी विस्तृत जांच के लिए भेजे गए हैं।

अमीनाबाद ले जाई जा रही थी नकली दवा की खेप
माल क्षेत्र के पकरा गांव निवासी भूपेंद्र सिंह (33) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में भूपेंद्र ने बताया कि जब्त की गई दवाएं राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह की हैं, और वह उन्हीं के कहने पर इन दवाओं को अमीनाबाद पहुंचाने जा रहा था। पुलिस ने भूपेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि मामले के अन्य दोनों आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

चार नमूने लैब भेजे गए, लाखों की दवा सीज
जांच टीम ने मौके से दवाओं के कुल चार नमूने एकत्र किए, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा बरामद बाकी सभी दवाओं को सीज कर लिया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4.37 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम (ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट) के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से लगातार दबिश दी जा रही है।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button