राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत छिपाने के आरोपों में घिरा ट्रंप प्रशासन

वॉशिंगटन
 डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर ईरान युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की सही जानकारी नहीं दे रहा है। ट्रंप प्रशासन पर मरने वाले सैनिकों की जानकारी छुपाने का इल्जाम पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री लियोन पैनेटा और दूसरे डिफेंस एक्सपर्ट ने लगाए हैं। रक्षा विभाग ने पिछले ढाई महीनों से प्रेस ब्रीफिंग नहीं की है। इससे इन दावों को बल मिला है कि ट्रंप प्रशासन के अधिकारी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के चलते सैनिकों की मौतों को छुपा रहे हैं। पैनेटा ने गार्डियन से बात करते हुए कहा है कि पेंटागन ईरान युद्ध में हताहत अमेरिकी सैनिकों के बारे में जानकारी साझा करने में शर्मनाक रवैया अपना रहा है।

अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने के आंकड़े द गार्डियन ने बताते हुए कहा है कि अब तक युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 18 और घायलों की संख्या 430 हैं। पेंटागन ने बीते सोमवार को कहा है कि 7 जुलाई के बाद से 100 सैनिक घायल हुए हैं। हालांकि उसने यह भी कहा कि 96 प्रतिशत सैनिक ड्यूटी पर लौट आए हैं।

अमेरिकी सैनिकों की मौत पर सवाल
रक्षा विभाग ने शुरू में आंकड़े जारी नहीं किए थे लेकिन बाद में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी पुष्टि की। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक अलग रिपोर्ट में कहा गया कि पेंटागन की वेबसाइट पर मरने वालों की संख्या 18 से घटाकर 14 कर दी गई थी। एक अधिकारी ने इसके लिए डाटा में अस्थायी तौर पर आई गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया है।

अफगानिस्तान और इराक युद्धों के दौरान पेंटागन की साप्ताहिक ब्रीफिंग करने वाले लियोन पैनेटा कहते है कि अमेरिकी लोगों से जानकारी छिपाने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है। विदेश विभाग के पूर्व प्रवक्ता नेड प्राइस मानते हैं कि यह प्रेस के साथ सामान्य टकराव से आगे है। इसका मकसद जनता को युद्ध की असल कीमत से बचाना है।

सही समय पर रिपोर्टिंग ना होने से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इरादों पर गंभीर सवाल उठते हैं। सैनिकों की कई चोटों या जान के नुकसान का पता महीनों या सालों तक नहीं चल पाता है।

प्रेस ब्रीफिंग को किया सीमित
द गार्डियन के अनुसार, पांच महीने पहले युद्ध शुरू होने के बाद से पेंटागन ने मीडिया की पहुंच को लगातार सीमित किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स, NPR और पोलिटिको जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के लंबे समय से चले आ रहे डेस्क हटा दिए गए हैं। इनकी जगह ट्रंप के प्रति अनुकूल माने जाने वाले न्यूज संस्थानों को दी गई है।

रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने कहा कि पूर्व की तुलना में ट्रंप प्रशासन पेंटागन मीडिया के प्रति अधिक शत्रुतापूर्ण रहा है। प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस बात से इनकार किया कि विभाग हताहतों की रिपोर्ट को कम करके दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने ईरान में अमेरिकी अभियानों के बारे में लगातार रियल-टाइम अपडेट दिए हैं।

ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्च
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस हफ्ते ईरान के साथ अमेरिकी युद्ध को लेकर भी तीखे सवालों और विरोध का सामना किया है। अनुमान के मुताबिक, इस युद्ध पर अब तक अमेरिका के 37.5 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। रिपब्लिकन पार्टी सेना और वाइट हाउस की प्राथमिकताओं के लिए 95 अरब डॉलर का पैकेज तैयार कर रही है।

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button