अलीगढ़ के 10 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक

अलीगढ़
अलीगढ़ के 10 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। कोल और गभाना तहसील के अर्न्तगत आने वाले इन गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त, नामांतरण और अन्य प्रकार के बदलाव भी नहीं किए जा सकेंगे। अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर परियोजना को लेकर यह कदम उठाया गया है।
प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 136 किलोमीटर लंबा होगा, जो अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। एनएचएआई की अधिसूचना के अनुसार, जिन 10 गांवों की भूमि इस परियोजना की जद में आ रही है, वहां अब किसी भी प्रकार की जमीन की खरीद-फरोख्त, बंटवारा, नामांतरण अथवा अन्य राजस्व संबंधी परिवर्तन नहीं किए जा सकेंगे।
यह प्रतिबंध भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि अधिसूचना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी और प्रभावित किसानों को सरकार की निर्धारित नीति के अनुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके लिए भूमि का सर्वेक्षण, अभिलेखों का सत्यापन तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताएं भी जल्द पूरी की जाएंगी। एनएचएआईके परियोजना निदेशक अरविन्द कुमार की ओ से थ्री-ए की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
गभाना तहसील-सुमेरा दरियापुर, औरिहा, तेजपुर, पिलौना, फरीदपुर
कोल तहसील-भगनपुर, पला मजरा कस्तली वैस, जवां सिकन्दरपुर, बीरपुर छावील गढ़ी, कस्तली वैश्य।




