व्यापार जगत

शेयर बाजार में जोरदार वापसी! 5 दिन की गिरावट टूटी, सेंसेक्स 776 अंक उछला; रुपया भी डॉलर के मुकाबले 63 पैसे मजबूत

मुंबई

 भारतीय शेयर बाजार में आज सोमवार 27 जुलाई 2026 को तूफानी तेजी देखने को मिली। इसी तेजी ने पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। आज कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। सोमवार को भारतीय रुपया 68 पैसे बढ़कर 95.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि शुक्रवार को यह 96.57 पर बंद हुआ था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 63 पैसे उछलकर 95.90 के स्तर पर पहुंचा .

सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद (Share Market Closed) हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई, 1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

किन शेयरों में तेजी और किसमें गिरावट
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल थे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC, सिप्ला, HDFC लाइफ, HDFC बैंक और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल थे।

सेक्टरों की बात करें तो, निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा, जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई, जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में क्रमशः 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में, निफ्टी FMCG में 1%, निफ्टी बैंक में 0.7%, निफ्टी इंफ्रा में 0.66%, निफ्टी मेटल में 0.6%, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट (व्यापक बाजार) ने भी बेंचमार्क इंडेक्स के अनुरूप बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

क्या बोले एक्सपर्ट?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- "वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिससे मार्केट में राहत की रैली देखी जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी लंबे समय तक चलने वाले समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते फेड, BoE और BoJ जैसे प्रमुख सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है। घरेलू मोर्चे पर, बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के आउटलुक को लेकर राहत मिली है, जिसे उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉजिटिव बिजनेस आउटलुक का भी सपोर्ट मिल रहा है।"

 

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

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