राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

वीसीआई के अध्यक्ष डॉ उमेश चंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

भोपाल। प्रदेश के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा बहुत लंबे समय से समस्त विभागों में लंबित पदोन्नति हेतु साहसिक एवं सराहनीय कदम उठाया गया है। भारतीय पशु चिकित्‍सा परिषद इस हेतु मान. मुख्‍यमंत्री जी का अभिनंदन करता है एवं समस्‍त कर्मचारियो/अधिकारियों की ओर से आभार व्‍यक्‍त करता है। किंतु पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा सहायक शल्‍यज्ञ से उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के पद पर निम्‍न बिंदुओं अनुसार नियम विरुद्ध पदोन्नति की कार्यवाही की गई है –

  • कुल 202 पदों के विरुद्ध पदोन्नति में से लगभग 30 पशु चिकित्सा सहायक शल्‍यज्ञों को पूर्व में जारी मात्र कारण बताओ नोटिस के आधार पर पदोन्नति हेतु अनुपयुक्‍त घोषित कर दिया गया। 
  • अनारक्षित श्रेणी के 14 पदों पर जानबूझकर पदोन्नति की कार्रवाई नहीं की गई जबकि इस श्रेणी में पर्याप्त संख्‍या में पात्र अधिकारी पदोन्‍नति हेतु उपलब्ध थे।
  • सामान्‍य प्रशासन विभाग के पदोन्‍नति नियम 2025 के अनुसार 10% प्रतीक्षा सूची का पालन नहीं किया गया। 
  • पदोन्‍नति पश्‍चात् Selective Approach के साथ पदस्‍थापना में अनियमितताएं की गईं हैं जो कि पूर्णत: अनुचित है।

अतः मुख्‍यमंत्री से अनुरोध है कि पशुपालन विभाग की पशु चिकित्सा सहायक शल्‍यज्ञ से उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के पद पर विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही हेतु  समीक्षा बैठक आयोजित की जाए जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया जाए ताकि लंबे समय से पदोन्‍नति हेतु प्रतीक्षारत् पात्र पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञों के साथ न्‍याय हो सके।

Dinesh Kumar Purwar

Editor, Pramodan News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button